गोंदिया. यहा के उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी कार्यालय के प्रभारी उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी राजेंद्र सदाशिव केसकर व रामनगर निवासी निजी व्यक्ति राजेश रामनिवास माहेश्वरी (57) को एसीबी विभाग ने गुरुवार को 70 हजार रु. की रिश्वत लेते हुए हिरासत में लिया. इस कार्रवाई के बाद केसकर के पुणे स्थित घर की तलाशी ली गई और बताया गया है कि घर से 6 लाख 66 हजार रु. नकद, सोने-चांदी के गहने और 4 करोड़ 25 लाख रु. की संपत्ति बरामद हुई है.
एंटी करप्शन विभाग ने आगे की जांच शुरू कर दी है. नागपुर एंटी करप्शन विभाग ने प्रभारी उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी राजेंद्र केसकर और एक निजी व्यक्ति राजेश माहेश्वरी को गोंदिया की न्यायालय में पेश किया. केसकर बारामती में उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी के तौर पर भी काम कर चुके हैं. यहां आरटीओ कार्यालय में उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी राजेंद्र केसकर ने शिकायतकर्ता से एक निजी व्यक्ति के जरिए दूसरे राज्य की जेसीबी पास करने के लिए 70,000 रु. की रिश्वत मांगी थी. इस मामले में, नागपुर एंटी करप्शन विभाग ने गुरुवार को आरटीओ केसकर और राजेश माहेश्वरी को गिरफ्तार किया था.
कार्रवाई के बाद आरटीओ कार्यालय में सन्नाटा
गुरुवार को, एंटी करप्शन विभाग ने उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी राजेंद्र केसकर और एक निजी व्यक्ति राजेश माहेश्वरी को 70,000 रु. की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था. इस घटना के बाद उपप्रादेशिक परिवहन कार्यालय में सन्नाटा छा गया है.






