गोंदिया. न्यायालय में वर्षों से लंबित मामलों को समझौते से तत्काल हल करने के लिए राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण, सर्वोच्च न्यायालय, दिल्ली व महाराष्ट्र राज्य विधि सेवा प्राधिकरण, उच्च न्यायालय, मुंबई के निर्देश पर जिला विधि सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष तथा प्रमुख जिला व सत्र न्यायाधीश ए.टी वानखेड़े व जिला विधि सेवा प्राधिकरण के सचिव एन. के. वालके के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय गोंदिया के साथ ही सभी तहसील न्यायालयों में मामलों को समझौते से हल करने के लिए लोक अदालत का आयोजन किया गया. इस दौरान 9 हजार 438 मामलों को आपसी समझौते से हल किया.
जिले के न्यायालय में लंबित कुल दिवाणी के 1 हजार 664 प्रकरणों में से 77 प्रकरण हल किए गए. जिसमें 3 करोड़ 60 लाख 86 हजार 507 रु. समझौता शुल्क वसूला गया. न्यायालय में लंबित 3 हजार 339 फौजदारी प्रकरणों में से 1 हजार 34 प्रकरण हल किए गए एवं 1 करोड़ 34 लाख 59 हजार 354 रु. समझौता शुल्क वसूला. उसी प्रकार लोक अदालत में रखे गए पूर्व न्यायप्रविष्ठ 31 हजार 520 प्रकरणों में से 8 हजार 327 प्रकरण हल किए गए. जिसमें 1 करोड़ 90 लाख 67 हजार 888 रु. का समझौता शुल्क वसूला गया. कुल 36 हजार 503 रखे गए प्रकरणों में से 9 हजार 438 प्रकरण हल किए गए व कुल 6 करोड़ 86 लाख 13 हजार 749 रु. समझौता शुल्क लिया गया. उसी प्रकार स्पेशल ड्राइव अंतर्गत जिले के न्यायालयों में 502 फौजदारी प्रकरण रखे गए थे. जिसमें से 393 प्रकरण हल किए गए. जिससे पक्षकार व अन्यों को होनेवाली मानसिक व आर्थिक परेशानियों से छुटकारा मिला है. विशेष बात यह है कि महावितरण के साथ ही विद्युत, जल, टेलीफोन, बैंक रिकवरी के प्रकरणों के जिन पक्षकारों ने समझौते के अनुसार बकाया की पूरी राशि संबंधित विभाग में जमा कर दी है. उसी प्रकार तीन अनेक दुर्घटना नुकसान प्राधिकरण में 19 प्रलंबित प्रकरणों में बीमा कंपनी ने 1 करोड़ 80 लाख 55 हजार रु. की नुकसान भरपाई मंजूर की है. जिससे पीड़ितों को राहत पहुंची है. लोक अदालत की अध्यक्षता न्यायाधीश ए.टी. वानखेड़े ने की. इस दौरान न्यायाधीश ए.एस. प्रतिनिधि, एम.टी. असीम, एन.डी. खोसे, एस. आर. मोकाशी, एम.जे. मोहोड़, वाय.के. राऊत, एम.बी. कुड़ते, वाय.जे. तांबोली, डा. एस.वी. आव्हाड प्रमुखता से उपस्थित थे.
लोक अदालत में वसूला 6 करोड़ 86 लाख 13 हजार 749 रु. का शुल्क, 9,438 मामलों का निपटारा
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