गोंदिया : सरकार मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने की बात करती है। लेकिन जिले के सरकारी अस्पतालों में ही अनेकों पद रिक्त होने से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा कैसे मिलेगी? यह सवाल अब निर्माण होने लगा है। जिले के सरकारी अस्पतालों में श्रेणी 1 व श्रेणी 2 के कई पद रिक्त है। जिसे भरने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाए जा रहे है।
बता दें कि जिले के सरकारी अस्पतालों में श्रेणी 1 के 35 पद मंजूर है। जिनमें से केवल 5 पद ही भरे गए है और 30 पद अब भी रिक्त है। इसी तरह श्रेणी 2 के 92 पद मंजूर होकर 46 पद भरे गए है। जबकि 46 पद अब भी रिक्त है। गोंदिया स्थित केटीएस जिला सामान्य अस्पताल में श्रेणी 1 के 18 पद मंजुर होकर केवल 2 पद ही भरे गए है। जबकि 16 पद रिक्त है। इसी तरह जिला क्षयरोग केंद्र गोंदिया में 1 पद मंजूर होकर वह भी रिक्त है। बीजीडब्ल्यू अस्पताल में 5 पद मंजूर है। लेकिन वह भी रिक्त ही है। उपजिला अस्पताल तिरोडा में 1 पद मंजूर होकर वह भी रिक्त ही है। ग्रामीण अस्पताल चिचगढ में 1 पद मंजूर है जो रिक्त ही है। इसी तरह ग्रामीण अस्पताल अर्जुनी मोरगाव और नवेगांवबांध में 1-1 पद रिक्त है, जो अब तक भरे ही नहीं गए है। सालेकसा, गोरग्ोांव, रजेगांव एवं सौंदड ग्रामीण अस्पताल में भी 1-1 पद रिक्त है। इस तरह श्रेणी 1 के कुल 35 में से 5 पद भरे गए हैं और अब भी 30 पद रिक्त ही है। जबकि श्रेणी 2 के 46 पद रिक्त है। जिनमें केटीएस अस्पताल में 25, जिला क्षयरोग केंद्र में 1, बीजीडब्ल्यू अस्पताल में 16, आश्रम शाला पथक देवरी में 1, चिचगड ग्रामीण अस्पताल में 1, ग्रामीण अस्पताल गोरेगांव और ग्रामीण अस्पताल सौंदड में 1-1- पद रिक्त है। इस तरह कुल मंजुर 92 में से 46 पद रिक्त है। सरकारी अस्पतालों में ही बडी संख्या में पदों का रिक्त होना शासन की पोल खोल रहा है।
रवि ठकरानी ( प्रधान संपादक)
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