7 माह से किसान अनुदान के लिए काट रहा चक्कर
गोंदिया. मनरेगा योजना एक महत्वपूर्ण योजना होकर इस योजना के माध्यम से किसानों के अलावा सामान्य जनता को आर्थिक समृध्द किया जा सकता है। गोरेगांव तहसील के बाम्हणी निवासी मिताराम कावडे किसान ने मनरेगा योजना के तहत 448 अमरूद के पेड़ लगाए, जिसका अनुदान किसान के खाते में जमा करना था। लेकिन मनरेगा अभियंता की लापरवाही से पिछले 7 महिने से अनुदान की राशि के लिए किसान दर-दर भटक रहा है। आखिरकार परेशान होकर किसान ने मनरेगा अभियंता की शिकायत कर अनुदान की राशि जमा कर न्याय की गुहार लगाई है।
बता दे कि, गोरेगांव पंचायत समिती अंतर्गत बाम्हणी गांव आता है। यहां के किसान मिताराम कावडे ने मनरेगा योजना के तहत जुन-जुलाई 2025 में अमरूद के 448 पेड़ लगाए। योजना के तहत पेड़ किसानों को खरिदना पड़ता है। उसके बाद बिल प्रस्तुत करने पर किसानों के खातों में अनुदान की राशि जमा की जाती है। मिताराम ने पेड़ खरिदकर मनरेगा के अभियंता राहुल बागडे के पास बिल जमा किए। लेकिन अभियंता बागड़े की लापरवाही से अभी तक उपरोक्त पीडि़त किसान के खाते में अनुदान की राशि जमा नहीं की गई है। इस संदर्भ में मनरेगा अभियंता बागड़े से कई बार संपर्क कर पुछताछ की, तो बताया जाता था कि, जल्द ही अनुदान की राशि जमा कि जाएंगी। लेकिन 7 माह का समय बीत गया राशि नहीं मिल पाई। जिसके बाद अभियंता पर संदेह होने से किसान ने पंचायत समिति के मनरेगा विभाग में पूछताछ की गई तो पता चला कि, अभी तक इस योजना के अनुदान संबंधित दस्तावेज ही अभियंता ने प्रस्तुत नहीं किये। आखिरकार परेशान होकर किसान मिताराम कावडे ने बुधवार 25 मार्च को बीडीओ पंचायत समिति गोरेगांव से लिखित शिकायत कर दी।
फाईल हीं नही
उपरोक्त किसान द्वारा योजना के तहत पेड़ लगाए गए, लेकिन अभी तक इस संदर्भ की कोई फाईल नहीं पहुँची है। दस्तावेज मिलते ही आगे की प्रक्रिया की जाएंगी।
-सुनिल कटरे, सहायक कार्यक्रम अधिकारी, गोरेगांव






