गोंदिया. सोशल मीडिया पर महापुरुषों के बारे में आपत्तिजनक और अपमानजनक पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए गौरेश उर्फ दिनेश यशवंत बावनकर की जमानत अर्जी गोंदिया के जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-2 न्यायालय ने खारिज कर दी है. न्यायालय ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद यह आदेश दिया.
सड़क अर्जुनी तहसील के डुग्गीपार क्षेत्र में कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर महापुरुषों के बारे में आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो और टेक्स्ट प्रसारित होने से माहौल गरमा गया था. इस मामले में डुग्गीपार थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी. शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया. शिकायत के अनुसार, आरोप है कि फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर महापुरुषों के बारे में अपमानजनक पोस्ट प्रसारित की गई. शिकायत में कहा गया था कि इस पोस्ट से समाज में सांप्रदायिक दरार पैदा होने और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका है. घटना के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने अपना रोष जाहिर करते हुए दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. इस बीच आरोपी की ओर से जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायालय में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की गई. शुक्रवार को हुई सुनवाई में आवेदक के वकीलों ने आरोपी के लिए जमानत की मांग की. सरकारी पक्ष और शिकायतकर्ता की ओर से जमानत का विरोध किया गया. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी.
गौरेश बावनकर की जमानत अर्जी खारिज
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