गुदमा-प्रतापबाग नई रेल लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण पर किसानों में आक्रोश, मुआवजा राशि को लेकर नाराजगी

0
180

बाजार भाव से पांच गुना मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग
गोंदिया. गुदमा-प्रतापबाग नई रेलवे लाइन के लिए कटंगी कला, नागरा, हलबीटोला और सावरी क्षेत्र के किसानों की जमीन, खेत, प्लॉट, मकान व दुकानें अधिग्रहित की जा रही हैं. अधिग्रहण के बदले रेलवे विभाग द्वारा निर्धारित मुआवजा राशि को लेकर किसानों में भारी नाराजगी है. किसानों का आरोप है कि करोड़ों रु. मूल्य की जमीन के लिए बेहद कम मुआवजा निर्धारित किया गया है.
इसी मुद्दे को लेकर रविवार, 23 अगस्त को ग्राम पंचायत कटंगी कला के सभागृह में किसानों की बैठक आयोजित की गई. बैठक में बड़ी संख्या में भू-धारक उपस्थित थे. मुआवजा राशि को लेकर किसानों में तीव्र आक्रोश देखने को मिला. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक किसानों की उचित मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक जमीन अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जाएगा. किसानों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार, 24 अगस्त को गोंदिया के उपविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है. इसमें जिन किसानों की जमीन, मकान, प्लॉट अथवा दुकान अधिग्रहित की जा रही है, उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए. अधिग्रहित जमीन, मकान, प्लॉट व दुकान का बाजार मूल्य से पांच गुना अधिक मुआवजा दिया जाए. जिन भू-धारकों की आधी जमीन अधिग्रहित होने के बाद शेष जमीन खेती अथवा अन्य उपयोग के योग्य नहीं रह जाएगी, उन्हें उस शेष जमीन का भी उचित मुआवजा दिया जाए. रेलवे लाइन के कारण खेतों तक पहुंचने वाले रास्ते बंद होने की स्थिति में किसानों के लिए वैकल्पिक रास्ते व पगडंडी मार्ग उपलब्ध कराए जाएं, यह मांगें शामिल हैं. बैठक में अखिलेश सेठ, नंदूभाऊ बिसेन, कार्तिक चौहान, सूरज बावनकर, ईश्वर उपवंशी, मानिकचंद भगत, सुरेश तिवड़े, कृष्णा बांते, रुपेश लिल्हारे, इमलाबाई लिल्हारे, हेमंत कुमार हनवते, राजू चन्नेकर, रविंद्र कुमार चिकलोंडे सहित कटंगी कला, नागरा, हलबीटोला व सावरी के सैकड़ों भू-धारक उपस्थित थे.

मांगें नहीं मानी तो 31 अगस्त को रास्ता रोको
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि 30 अगस्त तक शासन द्वारा उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 31 अगस्त को दोपहर 12 बजे कटंगी नाका, बालाघाट रोड पर रास्ता रोको आंदोलन किया जाएगा. किसानों ने स्पष्ट किया कि वे विकास कार्यों के विरोध में नहीं हैं, लेकिन जमीन अधिग्रहण के बदले उचित और न्यायसंगत मुआवजा मिलना उनका अधिकार है. उन्होंने शासन व रेलवे प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर किसानों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here