गोंदिया. गुदमा से प्रतापबाग नई रेलवे लाइन के लिए प्रस्तावित जमीन अधिग्रहण के विरोध में प्रभावित किसानों और भू-धारकों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. शनिवार, 29 अगस्त को ग्राम कटंगी कला स्थित मयूर लॉन में प्रभावित भू-धारकों की बैठक आयोजित की गई. बैठक में अधिग्रहण की जद में आने वाले किसानों, मकान, प्लॉट और दुकान मालिकों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया. गोंदिया तहसील के गुदमा, गोंदिया ग्रामीण, खमारी, दागोटोला, चुलोद, दतोरा, हलबीटोला, घिवारी, चांदनीटोला, लोधीटोला, कटंगी कला और नागरा सहित विभिन्न गांवों के भू-धारक बैठक में शामिल हुए. नई रेलवे लाइन के लिए जिनकी जमीन, मकान, प्लॉट अथवा दुकान अधिग्रहित की जा रही है, उन्होंने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं.
मुआवजा बढ़ाने समेत चार मांगें
बैठक में प्रभावित भू-धारकों ने अधिग्रहित जमीन के बदले मिलने वाले मुआवजे को पांच गुना बढ़ाने, प्रभावित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, 30 मीटर तक अतिरिक्त जमीन के लिए मुआवजा देने तथा प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन के लिए रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की. भू-धारकों का कहना है कि रेलवे परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण से बड़ी संख्या में किसान और अन्य संपत्ति धारक प्रभावित होंगे. ऐसे में उन्हें उचित और न्यायसंगत मुआवजा मिलना आवश्यक है.
7 सितंबर को रास्ता रोको आंदोलन
प्रभावित भू-धारकों ने पहले ही उपविभागीय अधिकारी को निवेदन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया है. इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन का अगला चरण तय किया गया है. बैठक में निर्णय लिया गया कि सोमवार, 7 सितंबर को दोपहर 12 बजे कटंगी नाका, बालाघाट रोड, गोंदिया पर रास्ता रोको आंदोलन किया जाएगा. बैठक में अखिलेश सेठ, कार्तिक चौहान, सूरज बावनकर, सुप्रीत बैंस, राजू चन्नेकर, राजू बिसेन, राधाकृष्ण ठाकुर, चूटे गुरुजी, अय्यूब शेख, जितेंद्र लिल्हारे, गजेंद्र कवास सहित बड़ी संख्या में प्रभावित भू-धारक उपस्थित थे. प्रभावित किसानों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने तक आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा.



