विशाल अग्रवाल के हस्ते जिप प्राथमिक स्कुल चिरामनटोला में केन्द्रिय क्रिडा-वार्षिक स्नेह सम्मेलन का पुरस्कार वितरण संपन्न
गोंदिया. विद्यार्थियों का विकास स्कूली जीवन में ही होता है. विद्यालय प्रत्येक विद्यार्थी के लिए मंच का काम करता है. कलागुण ही छात्रों को उनके लक्ष्य तक पहुंचा सकते है, इसलिए विद्यार्थी को नियमित पढाई के साथ-साथ अपने भीतर छिपे कलागुणों को पहचान कर आगे बढना चाहिए, ऐसे उद्गार विशाल गोपालदास अग्रवाल ने जिला परिषद प्राथमिक स्कुल चिरामनटोला में आयोजित तीन दिवसीय केन्द्रिय वार्षिक स्नेह सम्मेलन के पुरस्कार वितरण समारोह में व्यक्त किए.
तीन दिवसीय वार्षिक उत्सव के दौरान छात्रों के लिए विविध खेल एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता आयोजित की गई. अंतिम दिन विजेता व उपविजेता छात्रों को विशाल अग्रवाल के शुभ हस्ते स्मृति चिन्ह व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम में प्रमुख रुप से जिप सदस्य वैशालीताई पंधरे, सामाजिक कार्यकर्ता अशोक (गप्पु) गुप्ता, कृउबास संचालक कुंदन कटारे, ग्राप सरंपच रेखाताई पारधी, ग्राप उपसरपंच परसवाड़ा संतोष हनवते, झिलमिली सरपंच ओमकार बहेकार, अध्यक्ष शा.व्य.स. चिरामनटोला देवानंद हुमने, अध्यक्ष शा.व्य.स. परसवाड़ा राहुल भावे, गटविकास अधिकारी पंस जितेन्द्र देवरे, सर्वश्री ग्राप सदस्य डिलेन हरिणखेडे, जगदिश पारधी, इंदिरबाई पारधी, इंदुबाई हरिणखेडे, उर्मिलाबाई शरणागत, जयश्रीबाई पटले, पंचफुलाबाई मडावी, राधेश्याम पारधी, मोहनजीसिंह खोहरे, गिरधारीसिंह जतपेले, दिगंबर बिसेन, विजेन्द्र मेश्राम, वर्षा सरोदे, धरमलाल भलावी, गोविंद उईके, डॉ. मुन्नालालजी पारधी, दयाराम मरकाम, बाबुलाल अंबुले, हरिभाऊ हरिणखेडे, डॉ. जगदिश पारधी, किशोर उईके, मोरेवश्र कटारे, कुंवरलाल हरिणखेडे, टेकचंद बारापात्रे, छायाबाई हनवते, मुन्नालाल पारधी, सिंधुबाई बावने, गोविंद बरेले, अमरसिंह खोहरे, गनुभाऊ बिसेन, एस. बी. लिल्हारे, प्रफुल कोरे, खेमनबाई पारधी, अनंदीभाऊ हनवते, फुलीचंद पारधी, फुलसिंग परमार, संजय मिश्रा, लिलाराम पटले, दिनेश उईके, प्रकाश नंगेले, किर्तीजी सोलंकी, मिल्कीराम जतपेले, योगेश बिसेन, सोहनलाल मडावी, टिकेश बिसेन, अमित भलावी, दजेन्द्र कोकोडे, अनिरुध्द कोकोडे, राजेशखन्ना वंजारी, भमेश्वर कापसे, मनोज टेकाम, बसंत अडमे, मालिकराम जतपेले, नंदकिशोर मंदेले, सोविंदा भलावी, शिवप्रसाद खोहरे, चैनलाल उईके, टोलिराम हुमने, जियालाल भलावी, हंसराज कोकोडे, राजकुमार वंजारी, कुंजीलाल बावने, गजानन मुंडेले, मदनलाल उईके, लोकेश्वर लाडे, प्रेमलाल हरिणखेडे, सुखदास उईके, दयाराम कोकोडे, त्रंबकेश्वर हरिणखेडे, रविन्द्र नागपुरे, मिताराम पारधी, कन्हैयालाल क्षिरसागर, दुर्गेश जतपेले, गजेन्द्र पंधरे, जैतराम जतपेले, पृथ्वीसिंह सोलंकी, भरत बरेले, हेमराज बावने, सुकलाल पारधी, समित भलावी, ओमेश्वर कापसे, सुनिल पारधी, लखाराम भगत, भाविकाबाई उईके, अरुण कोकोडे, रमेश उईके, रामेश्वर कापसे, राजेश भलावी, सुरेश बारापत्रे, यशवंत नंगेल, विष्णु मलघाम, रामलाल मानकर, धनंजय हरिणखेडे, अनिल पारधी, भागचंद बोपचे, जुगरामजी मडावी, यशवंत नंगेले, भवनलाल उईके व ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे.
अपने कला कौशल को पहचान-विकसित कर आगे बढें छात्र : विशाल अग्रवाल
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