Thursday, July 25, 2024
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ऑनलाइन ई-संजीवनी सेवा सिकल सेल मरीजों के लिए वरदान : अनिल पाटिल

19 को विश्व सिकल सेल रोग नियंत्रण दिवस

गोंदिया : सिकल सेल रोग से पीड़ित रोगी के रक्त में हिमोग्लोबिन की मात्रा कम होती है. जैसे-जैसे शरीर की रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता कम होती जाती है, वैसे-वैसे शरीर में संक्रमण की संभावना बढ़ती जाती है. इसीलिए बार-बार अस्पताल जाना पड़ता है. सरकार की ई-संजीवनी ओपीडी सेवा सिकल सेल मरीजों के लिए वरदान साबित होगी क्योंकि मरीजों को घर बैठे डाक्टरों से मार्गदर्शन मिल रहा है. जिससे उनके समय की बचत हो रही है, ऐसी जानकारी जिप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल पाटिल ने दी है.
सिकल सेल रोग के बारे में जन जागरूकता पैदा करने के लिए, राज्य ने प्रत्येक वर्ष 19 जून को चयनित जिलों में सिकल सेल नियंत्रण दिवस मनाने का निर्देश दिया है. जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. नितिन कापसे ने बताया कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उपकेद्रों, ग्रामीण अस्पताल, उपजिला अस्पतालों में सिकल सेल की घुलनशीलता की नि:शुल्क जांच कराई जा रही है. जिले में 1 से 30 वर्ष के आयु वर्ग के सभी व्यक्तियों की नि:शुल्क सिकल सेल जांच की जाती है तथा उन्हें सिकल सेल रोग नियंत्रण कार्यक्रम के बारे में निर्देशित किया जाता है. सभी मरीजों को नि:शुल्क दवा व परामर्श दिया जा रहा है. सिकल सेल एक अनुवांशिक रोग है. इस बीमारी का कोई पूर्ण इलाज नहीं है. लेकिन नियंत्रण संभव है. सिकल सेल मरीजों को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है क्योंकि उन्हें नियमित संतुलित आहार की आवश्यकता होती है. अपर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. दिनेश सुतार ने जिले के युवाओं से सिकल सेल को लेकर आगे आकर सॉल्युबिलिटी टेस्ट कराने की अपील की है. जिले में सिकल सेल मरीजों के लिए जरूरी दवाएं हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध हैं. सरकार ने सिकल सेल मरीजों के लिए ग्राम स्तर पर मरीजों को उचित व समय पर नि:शुल्क इलाज, दवाइयां उपलब्ध कराने के क्रम में जिला सामान्य अस्पताल व महिला अस्पताल में एक दिवसीय देखभाल केंद्र की व्यवस्था की है. दो सिकल सेल काउंसलर नियुक्त किए गए हैं.

उपलब्ध सेवाएं
सभी सिकल सेल मरीजों को मुफ्त फोलिक एसिड की गोलियां प्रदान की जाती हैं. मरीजों को दर्द निवारक दवाएं दी जाती हैं. संक्रमण का एंटीबायोटिक दवाओं के साथ इलाज किया जा सकता है. जटिल मरीजों को मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट करना. जिन मरीजों को रक्त चढ़ाने की आवश्यकता है उन्हें जिला अस्पताल में रक्त चढ़ाने की सुविधा उपलब्ध कराना.

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