गोंदिया. तिरोड़ा तहसील के खड़की (डोंगरगांव) में 29 दिसंबर की रात करीब 9 बजे प्रभुजी कटरे के गौशाला में घुस कर बकरी को घायल कर दिया. वहीं शोर मचाने पर तेंदूआ पानी टंकी की ओर भागते हुए कोमलीकरे के बाड़ी में अलाव के पास बैठी देवांगना बिसेन पर हमला कर रहा था. इसी बीच उसने शोर मचाने पर तेंदूआ वहां से भाग गया.
जानकारी के अनुसार, पीछले अनेक दिनों से तिरोड़ा तहसील के अनेक गांवों में तेंदूए की दहशत है. इसी बीच 29 दिसंबर की रात करीब 9 बजे अचानक तेंदूए ने प्रभूजी कटरे के गौशाला में बंधे बकरी को घायल कर दिया तथा शोर मचाने पर तेंदूआ भागते हुए कोमलीकरे की बाड़ी में अलाव के पास बैठे देवांगना बिसेन पर हमल कर रहा था. लेकिन महिला के शोर मचाने पर तेंदूए ने पंधरे के बाड़ी से जंगली की ओर भाग गया. जिसकी जानकारी वन रक्षक पटले को दी गई. उसके बाद वन कर्मियों ने फटाके फोड़कर गश्त की व प्रभू कटरे के घायल बकरी का पंचनामा किया. तेंदूए की दहशत पर खड़की/डोंगरगांव परिसर में दहशत का माहौल है. पीछले एक माह पहले इंदोरा निवासी रुची पारधी (9) पर तेंदूए ने हमला कर उसको मौत के घाट उतारा था. जिससे आजू-बाजू के गांव में डर का माहौल है. अब 29 दिसंबर को शाम 5 बजे बुचाटोला के पुरनलाल अडमे व मोहनलाल कठीनाहके के बाड़ी में तेंदूआ देखा गया. उसके बाद उसने प्रभू कटरे के गौशाला में जानकर बकरी को घायल कर दिया तथा देवांगना बिसेन पर हमला करने का प्रयास किया. लेकिन वह बाल-बाल बच गई. इस तेंदूए का बंदोबस्त किया जाए, ऐसी मांग ग्रामीणों ने वन विभाग से की है.
तेंदूए के हमले में बाल-बाल बची महिला, तिरोड़ा तहसील के खड़की की घटना
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