गोंदिया. ‘न्याय आपके दरवाजे पर’ यह विधि सेवा महाशिविर का मुख्य उद्देश्य है और हर सरकारी योजनाओं को इस उद्देश्य को पाने के लिए कटिबद्ध होना चाहिए और यह पक्का करना चाहिए कि न्याय आखिरी नागरिक तक पहुंचे और सरकारी योजनाओं का फायदा उन्हें मिले, ऐसा प्रतिपादन मुंबई उच्च न्यायालय के नागपुर खंडपीठ के वरिष्ठ प्रशासकीय न्यायमूर्ति ए.एस. किलोर ने गोंदिया में आयोजित विधि सेवा महाशिविर व सरकार योजनाओं का महामेला कार्यक्रम में किया. इस दौरान उन्होंने गोंदिया जिले के न्यायिक अधिकारी व कर्मचारी संगठना की प्रशंसा की.
राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण, सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली व महाराष्ट्र राज्य विधि सेवा प्राधिकरण, उच्च न्यायालय मुंबई के निर्देश पर जिला विधि सेवा प्राधिकरण गोंदिया, जिला न्यायालय गोंदिया व जिला प्रशासन गोंदिया के संयुक्त तत्वावधान में डा. बाबासाहब आंबेडकर बहुउद्देशीय सांस्कृतिक सभागृह मरारटोली में विधि सेवा महाशिविर व सरकारी योजनाओं का महामेला आयोजित किया गया था. इस अवसर पर मुंबई उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति तथा गोंदिया जिले के पालक न्यायमूर्ति न्यायिक एम.डब्ल्यू, चांदवानी, प्रमुख जिला व सत्र न्यायाधीश गोंदिया तथा जिला विधि सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष आर.एन. जोशी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुरुगानंथम एम. पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे, अपर जिलाधीश मिनाज मुल्ला, उपवनसंरक्षक पवनकुमार जोंग, जिला विधि सेवा प्राधिकरण के सचिव नरेश वालके, जिला वकील संघ के अध्यक्ष एड. टी.बी. कटरे सहित सभी विभाग के प्रमुख, स्थानीय वकील, विधि कॉलेज के विद्यार्थी व नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे.
न्यायमूर्ति किलोर ने आगे कहा, हर भारतीय नागरिक को संविधान के तहत बुनियादी अधिकार मिले हैं. लेकिन, जानकारी की कमी के कारण आम नागरिक इसका फायदा नहीं उठा पाते. इसके लिए, ऐसे महा शिविर के जरिए नागरिकों को सीधे फायदा होता है. यह खुशी की बात है कि सरकार के अलग-अलग विभाग यहां उपस्थित हैं. सरकारी विभाग का तुरंत प्रतिसाद भी ऐसे कार्यक्रम की सफलता को पक्का करता है. ऐसे महाशिविर से न्यायाधीश और नागरिकों के बीच का अंतर कम होता है. ऐसे महाशिविर में, न्याय देने की प्रक्रिया में सक्रिय न्यायाधीशों को सादे कपड़ों में आने से उन्हें इस मौके पर बधाई भी दी.
न्यायाधीश आर. एन. जोशी ने कार्यक्रम की शुरुआत में बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी योजनाओं का फायदा पहुंचाना है और आज इस कार्यक्रम में अलग-अलग योजनाओं के 40 स्टॉल लगाए गए हैं. उन्होंने नागरिकों से इसका फायदा उठाने की अपील की. साथ ही, बड़े निजी अस्पतालों में आम लोगों के लिए कुछ बेड रिजर्व होते हैं. अगर कागजाद सही हैं, तो फायदा उठाया जा सकते है, इसलिए उन्होंने नागरिकों से अपने अधिकारों के बारे में जागरूक होकर इसका फायदा उठाने की अपील की.गोंदिया जिले में मेडिकल कॉलेज का बनना एक कानूनी प्रक्रिया से हुआ था और उन्होंने यह भी कहा कि न्यायमूर्ति किलोर ने इस न्याय प्रक्रिया में अहम योगदान दिया है. आभार जिला विधि सेवा प्राधिकरण सचिव नरेश वालके ने किया. कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ.
‘न्याय आपके दरवाजे पर’ यह विधि सेवा महाशिविर का मुख्य उद्देश्य : न्यायमूर्ति किलोर
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