Wednesday, May 22, 2024
Google search engine
HomeUncategorizedपशु चिकित्सा अधिकारियों की कमी

पशु चिकित्सा अधिकारियों की कमी

गोंदिया . सालेकसा तहसील में पशु चिकित्सालय वर्तमान में भगवान भरोसे चल रहे हैं. पशु चिकित्सा अधिकारी नहीं होने से इस अस्पताल का भार कंपाउंडर पर ही है. इससे पशुपालकों में चिंता का माहौल है. सालेकसा तहसील का कुल क्षेत्रफल 59 हजार 959 हेक्टेयर है जिसमें से 17 हजार 739 हेक्टेयर भूमि पर खेती की जाती है. यहां करीब 42 हजार हेक्टेयर वन भूमि है. जिससे मवेशियों के लिए घास व चारागाह उपलब्ध हो जाता है. कृषि के अलावा किसान पूरक व्यवसाय के रूप में गाय, भैंस, बकरी पालना पसंद करते हैं और दूध का कारोबार करते हैं. कुल मिलाकर पर्यावरण बहुत ही पौष्टिक और पशुपालन के अनुकूल है. तहसील में पशुपालकों को हाईब्रिड गायों, भैंसों का लाभ तक नहीं मिल पाता है. सालेकसा, साकरीटोला, गोर्रे, पांढरवानी, पिपरिया व विचारपुर में ए श्रेणी के पशु चिकित्सालय हैं. जबकि कावराबांध, कोटरा, दरेकसा व अन्य स्थानों पर बी श्रेणी के अस्पताल हैं. लेकिन अस्पताल ए श्रेणी का होते हुए भी सभी अस्पताल कंपाउंडर और चपरासी के भरोसे चल रहे हैं. सालेकसा में पिछले सात-आठ साल से पशुपालन विकास अधिकारी का पद रिक्त है. लेकिन तहसील का प्रबंधन प्रभारी पशु चिकित्सक के भरोसे चल रहा है.

रवी ठकरानी
प्रधान संपादक
9359328219

Home

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments