खतरे के स्तर से ऊपर पानी वाली नदियों और नालों को पार न करें
गोंदिया : मानसून शुरू हो चुका है और ऐसे में खतरे की आशंका बनी हुई है. जान से बढ़कर कुछ नहीं है, इसलिए नागरिकों को बाढ़ की स्थिति में अपनी जान का विशेष ख्याल रखना चाहिए और किसी खतरनाक घटना का शिकार नहीं होना चाहिए. नागरिक बाढ़ आने पर नदी या नाला पार न करें, ऐसी अपील जिलाधीश चिन्मय गोतमारे ने जिलाधीश कार्यालय के सभागृह में मानसून व बाढ की स्थिति को लेकर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में की है.
बरसात के मौसम में सड़कें बह जाना, पुल बह जाना, नालियां चोक हो जाना जैसी घटनाएं होती रहती हैं. इसलिए वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. जिलाधीश गोतमारे ने यह भी कहा कि बरसात के दौरान सड़क पर कीचड़ होने पर वाहनों की गति पर नियंत्रण रखें. इस अवसर पर जिप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल पाटिल, निवासी उप जिलाधीश स्मिता बेलपत्रे, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी हिंदूराव चव्हाण और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी राजन चौबे उपस्थित थे. जिले में हाल ही में बारिश ने जोरदार दस्तक दी है और 27 जून को भारी बारिश दर्ज की गई. इस बीच, अर्जुनी मोरगांव तहसील में पिंपलगांव-अरततोंडी के बीच नहर पर बने पुल से बहते बाढ़ के पानी में लगभग 50 साल के अरविंद गणपत ठाकरे बह गए. इसके अलावा 28 जून को तिरोडा तहसील के सरांडी में एक कुएं में 4 लोगों की मौत की दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई. प्राथमिक तौर पर यह देखा जा रहा है कि उक्त घटना कुएं में लगे मोटर पंप को निकालने के दौरान करंट या जहरीली गैस के कारण हुई है. जिलाधिकारी चिन्मय गोतमारे ने बताया कि उक्त चारों लोगों की मौत के मुख्य कारणों का पता पोस्टमार्टम के बाद ही चल पाएंगा.
बाढ़ की स्थिति में, जब नदी और नहर पर बने पुल के ऊपर से पानी बह रहा हो, तो कोई भी वाहन पार नहीं करना चाहिए और यहां तक कि पैदल चलने का भी प्रयास नहीं करना चाहिए. बच्चों को सेल्फी लेने के लिए नदी-नालों के पानी के पास नहीं जाने देना चाहिए. यदि संभव हो तो बिजली के उपकरणों के उपयोग से बचें. यदि बाढ़ की स्थिति में आपको पलायन करना पड़े तो आवश्यक वस्तुएं अपने साथ रखें तथा सुरक्षित सड़कों का ही प्रयोग करें. आपदा की स्थिति में नजदीकी तहसील कार्यालय, पुलिस स्टेशन या बचाव दल से संपर्क करें. जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर प्राप्त निर्देशों का पालन किया जाए.



