Friday, July 19, 2024
Google search engine
HomeUncategorizedमहामारी नियंत्रण के लिए तैयार रहें : यशवंत गणवीर

महामारी नियंत्रण के लिए तैयार रहें : यशवंत गणवीर

कर्मचारियों को मुख्यालय पर रहने के निर्देश
गोंदिया. जिले के नागरिकों के स्वास्थ्य को दुरुस्त रखना हमारा पहला कर्तव्य है. बरसात के दिनों में जलजनित और कीटजनित बीमारियां फैलती हैं. इस महामारी नियंत्रण के लिए तैयार रहें, ऐसे निर्देश जिप उपाध्यक्ष व स्वास्थ्य शिक्षा तथा क्रीड़ा समिति सभापति इंजी. यशवंत गणवीर ने जिला परिषद में स्वास्थ्य समिति की बैठक में दिए.
मानसून के दौरान जलजनित और कीटजनित बीमारियों के फैलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है. उसके लिए निरोधात्मक कार्रवाई जरूरी है. जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं का पर्याप्त भण्डार रखें. डेंगू, मेनिनजाइटिस, हिवट्रस, चिकनगुनिया का सर्वेक्षण कर मच्छरों के पनपने वाले स्थानों को खत्म करने पर जोर दें, विभिन्न जल स्रोतों के पानी के नमूनों की जांच करें, नालों की सफाई करें, पानी की टंकी और कुएं के क्षेत्र को साफ करें, टीसीएल स्टॉक का निरीक्षण करें, गांव में जल आपूर्ति योजनाओं का सर्वेक्षण करने के बाद, यदि जल चैनल और वाल्व में रिसाव है, तो ग्राम पंचायत को बंद करने की कार्रवाई करनी चाहिए, ऐसे निर्देश यशवंत गणवीर ने दिए है. इस अवसर पर स्वास्थ्य समिति सदस्य व जिप सदस्य डा. भूमेश्वर पटले, छाया नागपुरे, पवन पटले, वैशाली पंधरे, गीता लिल्हारे, सुधा रहांगडाले, पूर्णिमा ढेंगे, रचना गहाणे, समिति सदस्य सचिव व जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. नितिन वानखेड़े, जिला शीतकालीन अधिकारी डा. वेदप्रकाश चौरागड़े, डा. रोशन राउत, जिला क्षयरोग अधिकारी डा. नितिन कापसे, गोरेगांव तहसील स्वास्थ्य अधिकारी डा. विनोद चव्हाण, देवरी तहसील स्वास्थ्य अधिकारी डा. ललित कुकड़े, सालेकसा तहसील स्वास्थ्य अधिकारी डा. अमित खोडनकर, अर्जुनी मोरगांव डा. विजय राऊत, तिरोड़ा डा. स्वाति घोड़मारे, जिला महामारी अधिकारी डा. निरंजन अग्रवाल, जिला महामारी विशेषज्ञ सुशांकी कपासे व स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी व पर्यवेक्षक उपस्थित थे.

बाढ़ प्रभावित गांव पर विशेष नजर
जिले के कई गांवों में बरसात के दौरान बाढ़ का संकट उत्पन्न हो जाता है. उस पृष्ठभूमि में अधिक सावधान रहना आवश्यक है. जिले के सभी केंद्रो के स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मचारियों को मुख्यालय पर रहने के निर्देश जारी किए जाए है. नदियों के किनारे के गांवों तथा बाढ़ प्रभावित गांवों पर विशेष ध्यान दें. वहां एहतियाती उपाय लागू करें, गर्भवती माताओं को प्रसव के लिए संरक्षित क्षेत्रों तक ले जाने के लिए सभी एम्बुलेंस अच्छी स्थिति में रखे, सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, तहसील स्तर व जिला स्तर पर महामारी नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश इंजी. यशवंत गणवीर द्वारा दिए गए है.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments