शुरू नहीं हुआ ऑनलाइन सातबारा
गोंदिया : रबी की फसल निकलकर तैयार है लेकिन शासकीय धान खरीदी केंद्र नहीं खुलने से किसान अपनी फसल बेचने में असमर्थ नजर आ रहे है. सातबारा भी आनलाइन बंद होने से किसान परेशान है. रबी की फसल निकल गई है और किसान धान बेचने के लिए शासकीय धान खरीदी केंद्र शुरू होने का इंतजार कर अपनी धान की फसल को अपने घर में ही रख रहे है. घर में रखे धान फसल को नुकसान हो रहा है. इस बार तो धान केंद्र संचालकों ने किसानों के सातबारा भी आनलाइन नहीं किए है. धान केंद्र संचालकों के अनुसार जिला मार्केटिंग विभाग ने साइट ही शुरू नहीं की है. जिस वजह से किसानों के सातबारा आनलाइन शुरू नहीं किया है और संचालकों की विभिन्न मांगे प्रलंबित है. जिस वजह से धान खरीदी केंद्र शुरू नहीं किया गया है.
धान केंद्र संचालक और प्रशासन की नीतियों की वजह से किसानों को नुकसान सहना पड़ रहा है. जिला मार्केटिंग विभाग ने इस संबंध में पहल कर किसानों के घरों में पड़े धान की फसल को बेचने के लिए व्यवस्था करें और किसानों को हो रही परेशानी से छुटकारा दिलाए. उल्लेखनीय है कि जिला मार्केटिंग विभाग का समर्थन मूल्य शासकीय धान केंद्र पर नियंत्रण नहीं होने से संचालक भी अपनी मनमानी करते हैं और नियमों को ताक पर रखकर धान केंद्र चलाते हैं.
खुले में पड़ी है धान की फसल
किसान का धान खुले आसमान में पड़ा है. यदि बारिश हो गई तो किसानों का नुकसान हो जाएगा. कडी मेहनत कर किसानों ने धान फसल का उत्पादन तो कर दिया लेकिन समर्थन मूल्य धान केंद्र शुरू नहीं होने से परेशान हैं. एक दिन के लिए सातबारा आनलाइन की साइट शुरू हुई थी. लेकिन किसानों के सातबारा आनलाइन संस्था संचालकों ने नहीं किया इसके बावजूद भी संबंधित विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की हैं.
कम दामों में बचने पर मजबूर
निजी धान व्यापारी धान केंद्र शुरू नहीं होने से किसान के पास से कम दाम में धान खरीदी कर रहे है और किसान भी मजबूरी में निजी व्यापारी को बेच रहे है. समय रहते धान केंद्र शुरू हो जाते तो यह स्थिति किसानों के सामने नहीं आती. किसानों ने विधायक विनोद अग्रवाल से गुहार लगाई है कि गोंदिया तहसील में किसानों के सातबारा आनलाइन शुरू तथा समर्थन मूल्य धान केंद्र शुरू करने के लिए पहल कर किसानों के सामने उत्पन्न समस्या का समाधान करें.
शासकीय धान खरीदी केंद्र बंद होने से किसान नहीं बेच पा रहे धान
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