Saturday, June 22, 2024
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शिव महापुराण के श्रवण मात्र से मानव को अध्याम की अनुभूति : पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल

प.पू.पं. विश्वनाथजी तिवारी की ओजस्वी वाणी में विजयनगर में संगीतमय शिव महापुराण कथा आयोजित
गोंदिया. गोंदिया शहर के विजयनगर में सुप्रसिध्द शिवमहापुराण कथावाचक प.पु.पं.विश्वनाथजी तिवारी की ओजस्वी वाणी में आयोजित संगीतमय शिवमहापुराण कथा में पुर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल ने पहुँचकर कथाश्रवण के साथ-साथ पुजार्चना कर व्यासपीठ का आशिर्वाद लिया | इस अवसर पर कथा के आयोजक एवम मरारटोली विजयनगर क्षेत्र के जुझांरू कार्यकर्ता पुस्तकला माने, श्री रवि रामटेक्कर, मनोज अग्रवाल, पुर्व पार्षद व्यंकट पाथरू एवंम श्री शिवशक्ती महिला मंडल समिती के सदस्य प्रमुखता से उपस्थित थे।
श्रध्दालुओं को संबोधित करते हुए पुर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल ने कहा कि, शिव ही जीवन का अंतीम सत्य है और शिव महापुराण भगवान शिव की महिमा का दर्शन शास्त्र है, जिसमें सृष्टि का सृजन, चलन और अंत का सार समाविष्ट है। समुद्रमंथन से निकले विष का पान कर भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा की तो तीसरी आँख से सृष्टी को समाप्त करने की दिव्य शक्ती भी शिव में ही समाई है, शिव सृष्टि के सृजनतजनकर्ता है। हम सभी सौभाग्यवान है जो, प.पु.पं.विश्वनाथजी तिवारी की ओजस्वी वाणी में प्रभु शिव की विस्मकारी बारात, कार्तिक जन्म, ताडकासुर वध, श्री गणेश जन्मोत्सव, शिव के अवतारों के साथ-साथ भगवान शिव के विस्मयकारी अलोकीक कथा का श्रवण और नाट्य के माध्यम से सजीव चित्रण देख पा रहे है। इस अवसर पर पुर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल ने सभी उपस्थितीयों को भव्य संगीतमय शिवमहापुराण के सफल आयोजन के लिये शुभकामनाएं दी ।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से अंकित जैन, अमर रंगारी, पुर्व कृउबास संचालक श्रीमती बिरणवार, रिषीकांत साहु, उमंग साहु, सुधिर द्विवेदी, राजु लिमये, खलीलभाई पठान, मनोजजी पटनायक, शिवशक्ती महिला समिती की सभी महिला सदस्यगण, पदाधिकारी एवंम बडी संख्या में श्रध्दालु उपस्थित थे। महाशिवपुराण में आयोजकों द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसके बाद ग्रंथपुजन, सृष्टी वर्णन, कैलास निर्माण, शिव महिमा, दक्ष प्रजापती वर्णन कनखल में यज्ञ सतिचरित्र, हिमाचल के घर में मंगल शिव विवाह, शिव बारात, मंगल गीत, कार्तिक जन्म, ताडकासुर वध, श्री गणेश जन्म और जन्मोत्सव, तुलसी जलंधर कथा, गणेश विवाह, शिव अवतारों की कथा, नंदी अवतार, हनुमान अवतार, द्वारश ज्योर्तिलींग कथा, शिव परिवार दर्शन, हवन, दहीकाला, महाप्रसाद आदि का आयोजन किया गया।

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