गोंदिया. तिरोड़ा तहसील के ग्राम सेलोटपार-केसलवाड़ा में दामिनी दल, जिला महिला बाल विकास, इंडियन वेल्फेयर सोसायटी गोंदिया ने 6 जनवरी को बाल विवाह को रोकने में सफलता हासिल की.
जानकारी के अनुसार, तिरोड़ा थाने के तहत सेलोटपार, केसलवाड़ा में बाल विवाह होने गुप्त जानकारी मिली. जिसके बाद जिलाधीश प्रजीत नायर, पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे, अपर पुलिस अधीक्षक अभय डोंगरे, जिला महिला व बाल विकास अधिकारी रेश्मा आर. मोरे के मार्गदर्शन में दामिनी दल, जिला बाल संरक्षण कक्ष, चाइल्ड हेल्पलाइन, इंडियन सोशल वेल्फेयर सोसायटी गोंदिया की टीम तैयार की गई. वर-वधू के जन्म प्रमाणपत्र ग्रामसेवक से प्राप्त किए गए. प्रमाण पत्र पर लड़की की उम्र कम दिखाई दी. इसके बाद टीम 6 जनवरी को सेलोटपार गांव में पहुंची. जहां मंडप पुजा की तैयारी शुरू थी और 7 जनवरी को शादी होने वाली थी. दामिनी टीम और महिला व बाल विकास विभाग की टीम ने वर-वधू के माता-पिता और रिश्तेदारों से पूछताछ की और पाया कि शादी में लड़की की उम्र कम थी और वह बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006 के अनुसार पूरी तरह से अपराध के पात्र है. वर-वधू और उनके रिश्तेदारों को बाल विवाह के बुरे असर के बारे में समझाया गया. माता-पिता और रिश्तेदारों ने एक सहमति पत्र लिखा कि वह बालिग होने तक शादी नहीं करेंगे. अभी बाल विवाह मुक्त भारत अभियान चल रहा है और गोंदिया को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए हमारा संकल्प अभियान चल रहा है. इस मौके पर जमा हुए बारातियों ने बाल विवाह रोकने की शपथ ली. जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजानन गोबाडे के नेतृत्व में दामिनी टीम की पुलिस उपनिरीक्षक पुजा सुरलकर, संरक्षण अधिकारी मुकेश पटले, इंडियन सोशल वेल्फेयर सोसायटी के जिला समन्वयक ज्ञानेश्वर पटले, भागवत सूर्यवंशी, रुपेश चुंडूके, धर्मेंद्र भेलावे, आशिष पुंडे, पुजा डोंगरे, अमित बेलेकर, पुर्णाप्रकाश कुथेकर, दीपमाला भालेराव, अमोल पानतावने, प्रशांत बंसोड, वैशाली भांडारकर, सुवर्णा मडावी, सोनाली टीके, प्रीति बुरेले ने बाल विवाह रोकने में सफलता हासिल की.
सेलोटपार गांव में बालविवाह रोका, शादी की तैयारी हो गई थी पुरी
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