गोंदिया. सड़क अर्जुनी वन परिक्षेत्र कार्यालय अंतर्गत सौंदड़ के माहुली में एक बाघ ने हमला कर 60 वर्षीय महिला को मौत के घाट उतार दिया था. इस घटना के बाद क्षेत्र के माहुली, बोपाबोडी, सिंदीपार इलाकों में बाघ की मौजूदगी दिखाई दे रही थी. इस बीच जहां वन विभाग इस बाघ को पकड़ने के लिए जी तोड़ प्रयास कर रहा थी, वहीं रविवार की शाम करीब 6.30 बजे वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने सितेपार के एक खेत में बाघ को पकड़ने में सफलता हासिल की है.
सड़क अर्जुनी तहसील के सितेपार में गजानन भोजलाल शरणागत के खेत में एक वन्यजीव ने बकरी का शिकार किया. घटना की जानकारी मिलने पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और वरिष्ठों को घटना की जानकारी दी. जब वन विभाग के अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया तो पता चला कि शिकार एक बाघ ने किया था, जिसके बाद रेस्क्यू टीम गोंदिया और रेस्क्यू टीम नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प टीम को बुलाया गया. बाघ के लिए कैमरा ट्रैप लगाया गया. पता चला कि माहुली में बकरी का शिकार करने वाला और लक्ष्मी हेमराज सयाम को मौत के घाट उतारने वाला बाघ एक बाघिन है. यह बाघिन पिछले 10-15 दिनों से मानवी बस्तियों और खेती वाले इलाकों में घूम रही थी, इसलिए भविष्य में होने वाले खतरे को ध्यान में रखते हुए, प्रधान मुख्य वनसंरक्षक (वन्यजीव) तथा मुख्य वन्यजीव रक्षक, महाराष्ट्र राज्य के इजाजत से राष्ट्रीय व्याघ्र संवर्धन प्राधिकरण के मार्गदर्शन के अनुसार, तत्काल रेस्क्यू टीम गोंदिया व रेस्क्यू टीम नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र रिजर्व टीम ने उस बाघिन को बेहाश कर कैद कर लिया. यह अभियान प्रधान मुख्य वनसंरक्षक तथा मुख्य वन्यजीव रक्षक नागपुर व मुख्य वनसंरक्षक नागपुर के मार्गदर्शन में उपवनसंरक्षक गोंदिया, सहायक वनसरंक्षक गोंदिया, वनपरिक्षेत्र अधिकारी सड़क अर्जुनी, रेस्क्यू टीम गोंदिया के अमोल चौबे, सतिश शेंदरे, विक्की बाम्हणकर, शुभम मेश्राम व रेस्क्यू टीम नवेगांव-नागझिरा टीम के आशिष रामटेके, प्रविण सुर, संकेत ठाकरे, नूतन बहेकार, पशु चिकित्सा अधिकारी डा. मेघराज तुलावी, नूर सैयद, शुभम मोडनकर, हर्षद रहांगडाले ने की.
आखिरकार उस आदमखोर बाघ को पकड़ा, वृद्ध महिला का किया था शिकार
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