59 गाइड्स सीख रहे विदेशी पर्यटकों से संवाद के गुर; वन्यजीव और जैव-विविधता की जानकारी रोचक अंदाज में प्रस्तुत करने का प्रशिक्षण
बालाघाट/गोंदिया. कान्हा के घने जंगल, बाघों की दहाड़, वन्यजीवों की अठखेलियां और प्रकृति की खूबसूरती अब विदेशी पर्यटकों को भी बेहतर ढंग से समझाई जा सकेगी। पर्यटकों के अनुभव को और यादगार बनाने के उद्देश्य से कान्हा टाइगर रिजर्व में नेचर गाइड्स की अंग्रेजी भाषा एवं संचार क्षमता को मजबूत किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से इको टूरिज्म बोर्ड, मध्यप्रदेश एवं कान्हा टाइगर रिजर्व के संयुक्त तत्वावधान में मुक्की परिक्षेत्र में 15 दिवसीय इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 31 अगस्त 2026 को हुआ। इसमें मुक्की परिक्षेत्र के 59 नेचर गाइड्स हिस्सा ले रहे हैं।

विदेशी मेहमानों से बेझिझक करेंगे संवाद
प्रशिक्षण के दौरान नेचर गाइड्स को अंग्रेजी में पर्यटकों से सहज और प्रभावी संवाद करने का अभ्यास कराया जा रहा है। इसके साथ ही कान्हा के वन्यजीवों, जंगल, जैव-विविधता और प्राकृतिक परिवेश से जुड़ी जानकारी को सरल, रोचक एवं प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करने की तकनीक भी सिखाई जा रही है। प्रशिक्षण से गाइड्स का अंग्रेजी में बातचीत करने का आत्मविश्वास बढ़ेगा। इससे वे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के सवालों का बेहतर जवाब दे सकेंगे और उन्हें कान्हा की प्राकृतिक एवं वन्यजीव संपदा के बारे में विस्तार से जानकारी दे पाएंगे।
भाषा के साथ वन्यजीव व्याख्या की भी ट्रेनिंग
15 दिवसीय प्रशिक्षण में केवल अंग्रेजी बोलने और समझने पर ही जोर नहीं दिया जा रहा है, बल्कि पर्यटन एवं वन्यजीव व्याख्या (Interpretation) से संबंधित व्यावहारिक जानकारी भी दी जा रही है। गाइड्स को प्रस्तुतीकरण की ऐसी तकनीकें सिखाई जा रही हैं, जिससे जंगल सफारी के दौरान दी जाने वाली जानकारी तथ्यात्मक होने के साथ ही पर्यटकों के लिए रोचक और आकर्षक भी हो।
13 सितंबर को प्रशिक्षण का समापन
प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन 13 सितंबर 2026 को होगा। कान्हा टाइगर रिजर्व द्वारा नेचर गाइड्स के कौशल विकास के लिए किए जा रहे ये प्रयास उनकी दक्षता बढ़ाने के साथ ही देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर, ज्ञानवर्धक और गुणवत्तापूर्ण प्रकृति अनुभव उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।



