रामपुरी, खांबी और शिरेगांव बांध जलापूर्ति योजना 1 सितंबर से बंद : सरपंचों ने विधायक को सौंपा ज्ञापन
गोंदिया. बकाया बिजली बिल के कारण 1 सितंबर से बंद रामपुरी, खांबी और शिरेगांव बांध प्रादेशिक जलापूर्ति योजनाओं को तत्काल शुरू कराने की मांग को लेकर संबंधित गांवों के सरपंचों ने मंगलवार, 15 सितंबर को विधायक राजकुमार बडोले से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा. योजनाएं बंद होने से क्षेत्र के कई गांवों और हजारों परिवारों के सामने पेयजल संकट खड़ा हो गया है. जलापूर्ति बंद होने से महिलाओं, बुजुर्गों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है. सरपंचों ने मांग की कि थकी बिजली बिल का तत्काल भुगतान कर तीनों योजनाओं को पूर्ववत शुरू किया जाए. ज्ञापन स्वीकार करते हुए विधायक राजकुमार बडोले ने समस्या का जल्द समाधान कराने के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि गुरुवार तक जलापूर्ति योजनाएं शुरू नहीं हुईं, तो शुक्रवार को सभी संबंधित सरपंचों को साथ लेकर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कार्यालय में ठिय्या आंदोलन किया जाएगा.
शिष्टमंडल ने जलापूर्ति योजनाओं के बकाया बिजली बिल और अन्य देनदारियों के भुगतान के लिए तत्काल निधि उपलब्ध कराने की मांग की. साथ ही योजनाओं की देखभाल व मरम्मत के लिए स्थायी आर्थिक व्यवस्था करने तथा भविष्य में आर्थिक कारणों से जलापूर्ति बंद न हो, इसके लिए शासन स्तर पर स्थायी उपाययोजना लागू करने की मांग भी की गई. सरपंचों ने कहा कि नागरिकों को पीने के पानी से वंचित रखना गंभीर मामला है. प्रशासन को तत्काल कार्रवाई कर योजनाएं शुरू करनी चाहिए, अन्यथा आंदोलन को तेज किया जाएगा. इस अवसर पर देवलगांव की सरपंच दीपाली कापगते, सुकली की सरपंच पंचशीला भोजराज मेश्राम, भिवखिड़की के उपसरपंच नीलकंठ बोरकर, चान्ना के उपसरपंच मोरेश्वर सोनवने, खांबी की सरपंच अश्विनी लोणारे, बोरटोला की सरपंच कुरुंदा इंद्रजीत वैद्य, सिरेगांव की सरपंच सागरबाई चिमणकर, सोमलपुर की सरपंच भूमिका ढोक, मुंगली के सरपंच भूषण नेवारे, अरततोंडी के सरपंच प्रदीप कांबले, दाभना के उपसरपंच राज्यपाल गभने, बोरटोला के उपसरपंच काशीनाथ कापसे, कवठा के सरपंच-प्रशासक पतिराम मेश्राम, चान्ना के सरपंच सचिन डोंगरे, गुढरी के सरपंच विवेक डोंगरे, शिरेगांव के उपसरपंच हेमकृष्ण संग्रामे, पूर्व जिप सदस्य किशोर तरोणे, पंचायत समिति सदस्य हेमराज पुस्तोडे सहित अनेक सरपंच, पदाधिकारी और नागरिक उपस्थित थे.



