आंगनवाड़ी सेविका व सहायिकाओं का आंदोलन शुरू
गोंदिया. महाराष्ट्र राज्य आंगनवाड़ी बालवाड़ी कर्मचारी संघ (आयटक) और कृति समिति के नेतृत्व में आंगनवाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं ने वेतन वृद्धि के साथ पेंशन लागू करने की मांग को लेकर 4 दिसंबर को जिला परिषद तक मोर्चा निकाल कर आंदोलन शुरू किया. इस बीच दूसरे दिन 5 दिसंबर को जिले के हर तहसील में महिला व बाल विकास प्रकल्प कार्यालय के सामने आंदोलन कर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया. इस बीच आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है और जिले की सभी 1 हजार 800 आंगनवाड़ियों को बंद कर दिया है. इसलिए नागरिक इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि सरकार की ओर से क्या समाधान निकाला जा सकता है.
महाराष्ट्र राज्य आंगनवाड़ी बालवाड़ी कर्मचारी संघ (आयटक) और कृति समिति ने आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं की मांगें 3 दिसंबर तक पूरी नहीं होने पर 4 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी थी. लेकिन जब सरकार ने कोई समाधान नहीं निकाला, तो आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं ने सोमवार को जिला परिषद कार्यालय तक मोर्चा निकाल कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दिया. इसमें यह रुख अपनाया गया कि जब तक आंगनवाडी सेविकाओं की मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक हड़ताल खत्म नहीं की जाएंगी. इस बीच आज दूसरे दिन भी आंदोलन जारी रहा. आंगनवाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने 5 दिसंबर को गोंदिया, गोरेगांव, तिरोड़ा, आमगांव, सोलकसा, सड़क अर्जुनी, अर्जुनी मोरगांव और देवरी सहित सभी आठ तहसीलों में महिला व बाल विकास विभाग के कार्यालय के सामने आंदोलन शुरू किया. आंगनवाडी सेविकाओं ने कार्यालय के प्रवेश द्वार के समक्ष एकत्र होकर जोरदार नारेबाजी की और अपनी मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया.
जिले की 1800 आंगनवाड़ियां बंद
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