गोंदिया, ब्यूरो. रामनगर थाने के तहत न्यू बालाजी सोनोग्राफी सेंटर की मशीन की तत्काल जांच और सील करने संबंधी रामनगर पुलिस का पत्र जैसे ही जिला शल्य चिकित्सक के पास पहुंचा, उनके आदेशानुसार टीम ने डा. नितेश बाजपेयी के न्यू बालाजी सोनोग्राफी सेंटर को सील कर दिया.
डा. नितेश बाजपेयी ने मध्य प्रदेश राज्य के बालाघाट जिले के कई महिलाओं और लड़कियों की अपने अस्पताल में प्रसूति कर पैदा हुए बच्चों को 4-4 लाख रु. में बेच दिया. इस संबंध में भंडारा जिले के साकोली और यहां के रामनगर थाने में मामला दर्ज किया गया है. रामनगर थाने में डा. बाजपेयी के खिलाफ दो मामले दर्ज हैं. रामनगर पुलिस ने इस सोनोग्राफी सेंटर का निरीक्षण किया तो वहां कोई दस्तावेज नहीं मिलने पर रामनगर पुलिस ने डा. पटले को पत्र भेजकर डा. बाजपेयी के सोनोग्राफी सेंटर को सील करने का अनुरोध किया. जिसके अनुसार, डा. पटले के सुझाव पर निवासी चिकित्सा अधिकारी (बाह्य) डा. बी.डी. जायसवाल, एड. डॉ. रेखा कानतोडे, चिकित्सा अधिकारी डा. भारती किल्लासर, डा. संजय भगत, डा. सुवर्णा हुबेकर द्वारा सोनोग्राफी सेंटर सील कर दिया गया. इस सेंटर की जांच के दौरान पुलिस को कोई रिकार्ड नहीं मिला. पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 की धारा 5,6 और नियम 2(8) व 10 के तहत सभी दस्तावेज रखना अनिवार्य है. हालांकि, रामनगर पुलिस ने सेंटर को सील करने और दो दिन के अंदर रिपोर्ट देने का पत्र दिया था कि सेंटर का निरीक्षण कर कोई रिकार्ड न मिलने पर सेंटर सील कर दिया जाएगा. बाजपेयी के काले कारनामों वाले दस्तावेज गायब हो गए हैं.
अस्पताल की अनुमति भी रद्द
न्यू बालाजी सोनोग्राफी सेंटर शुरू करने की अनुमति 8 सितंबर 2025 को दी गई, सेंटर का रजिस्ट्रेशन नं. पीसीपीएनडीटी/जी/47/2025 संदर्भ क्र.-1 और 2 के अनुसार, नितेश बाजपेयी के खिलाफ पुलिस थाना वरठी (जिला भंडारा) और पुलिस थाना रामनगर में मामला दर्ज किया गया है. इसलिए एक माह पहले जिला शल्य चिकित्सक डा. पटले ने न्यू बालाजी नर्सिंग होम की स्वीकृति रद्द कर दी है.






