गोंदिया. शहर पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने 13 अगस्त को मड़ी चौक क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया. तलाशी के दौरान उनके पास से 3 लाख 94 हजार रु. के सोने-चांदी के आभूषण तथा 1 लाख 45 हजार रु. नकद ऐसा कुल 5 लाख 39 हजार रु. का माल जब्त किया गया. पूछताछ में आरोपियों ने यह माल मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में एक घर में लूटपाट कर लाने की जानकारी दी. इसके बाद बालाघाट पुलिस से संपर्क कर सात संदिग्धों को आगे की जांच के लिए उन्हें सौंप दिया गया.
जानकारी के अनुसार, शहर थाने की टीम ने गश्त के दौरान मड़ी चौक में सूर्याटोला निवासी किसन उर्फ डेनी कमल अजित (35) तथा कुंभारेनगर निवासी मयंक केशव मनोठे (23) संदिग्ध अवस्था में मिले. पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर तलाशी ली. उनके पास से सोने का मंगलसूत्र, दो सोने की अंगूठियां, कानों के लटकन, बच्चों के सोने के कड़े, सोने की चेन, सोने के मनी, नाक का आभूषण, कमरबंध तथा चांदी की पायल, बच्चों की पायल और बिछिया समेत कुल 3.94 लाख रु. के आभूषण मिले. इसके अलावा 1.45 लाख रु. नकद भी बरामद हुए. जब्त माल के संबंध में दोनों संदिग्ध कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके. इस पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई. आगे पूछताछ करने पर उन्होंने राज उर्फ चिट्टा ओंकार लहरे (24), दर्शन सुनील जगने (21), मयूर संजय गजापुरे (23), प्रणय देवेंद्र मेश्राम (20) और शुभम विठ्ठल गंधे (25) के साथ मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में एक घर में लूटपाट करने और वहां से उक्त माल लाने की जानकारी दी. जानकारी मिलने पर शहर पुलिस ने बालाघाट पुलिस से संपर्क किया. बालाघाट के पुलिस निरीक्षक कामेशकुमार धुमकेती ने भी अपने क्षेत्र में लूट की घटना होने की पुष्टि की. इसके बाद पुलिस निरीक्षक धुमकेती और लूट के फिर्यादी को गोंदिया बुलाया गया. हिरासत में लिए गए संदिग्धों की पहचान कराई गई, जिसमें फिर्यादी ने उन्हें घटना में शामिल आरोपी बताया. इसके बाद शहर पुलिस ने किसन उर्फ डेनी कमल अजित, राज उर्फ चिट्टा ओंकार लहरे, मयंक केशव मनोठे, दर्शन सुनील जगने, मयूर संजय गजापुरे, प्रणय देवेंद्र मेश्राम और शुभम विठ्ठल गंधे को आगे की जांच के लिए बालाघाट पुलिस को सौंप दिया. यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे, अपर पुलिस अधीक्षक अभय डोंगरे तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुनील दरेकर के निर्देश पर शहर थाना प्रभारी प्रवीण बोरकुटे, सहायक पुलिस निरीक्षक संदीप मडावी तथा डीबी पथक के कर्मचारियों ने की.



