गोंदिया. आमगांव तहसील के किंडगीपार में शराब बंदी को लेकर आंदोलन करने वाले आंदोलनकारियों को नोटीस देने गए पुलिस कर्मियों के साथ गलत व्यवहार करने व सरकारी काम में बाधा डालने वाले संतोष दोनोडे, चारुलता दोनोडे व वैष्णवी दोनोडे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. उसके उन्हें 10 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया. वहीं 10 अप्रैल को उन्हें न्यायालय में पेश करने पर न्यायालय ने फिर उन्हें 13 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है.
6 अप्रैल को आक्रोशित भीड़ ने आंदोलनकारियों को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर पत्थर किया. इस हिंसक झड़प में 6 पुलिस अधिकारी और 35 कर्मचारी घायल हो गए, जिनमें कई ग्रामवासी भी शामिल है. पुलिस ने हालात को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज किया. पुलिस पर पथराव करने वाले महिला-पुरुष समेत करीब 60 से 70 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए आंदोलनकारियों ने 10 अप्रैल को होने वाले रास्ता रोको व रेलवे रोको आंदोलन को फिलहाल वापस ले लिया है तथा ग्रामीणों से शराबबंदी के लिए वार्ड क्र.6 में जल्द से जल्द चुनाव प्रक्रिया कराने तथा मामले की निष्पक्ष समीक्षा कर स्थानीय नागरिकों पर दर्ज मामले वापस लेने का पुरजोर अनुरोध किया है.
किंडगीपार शराबबंदी के मुख्य आंदोलनकारियों को और 3 दिन की पुलिस कस्टडी
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