गोंदिया. संवैधानिक जीवन जीने के लिए एक नई शुरुआत करनी चाहिए. क्योंकि पूर्व नक्सलियों के जीवन में यह नया सवेरा आया है, इसका सकारात्मक उपयोग जीवन में करना चाहिए, ऐसी अपील जिलाधीश डा. मंगेश गोंदावले ने जिलाधीश कार्यालय में आयोजित आत्मसमर्पण समारोह में की.
जिला स्तरीय सत्यापन समिति के समक्ष 15 पूर्व नक्सलियों को आत्मसमर्पण प्रमाण पत्र प्रदान किया गया. इस अवसर पर समर्पित नक्सलियों का पुष्पगुच्छ, शॉल व श्रीफल से सम्मान किया गया. इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभय डोंगरे, निवासी उपजिलाधीश व अतिरिक्त जिलाधीश भैय्यासाहेब बेहरे, गुप्तवार्ता विभाग के सहायक आयुक्त औटी, पुलिस निरीक्षक प्रमोद भातनाते, पुलिस उपनिरीक्षक श्रीकांत हत्तीमारे, नक्सल कक्ष के पुलिस कर्मी व समर्पित नक्सलवादी उपस्थित थे. जिलाधीश गोंदावले ने समर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से योजनाओं का लाभ और सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया. उन्होंने इस नये जीवन की शुरुआत नये जोश और उत्साह के साथ करने की भी कामना की. पुलिस अधीक्षक भामरे ने बताया कि पुनर्वासित समर्पित नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने के लिए जिला प्रशासन का सहयोग मिल रहा है. समर्पित नक्सलियों को कौशल प्रशिक्षण देकर सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उनके बुनियादी दस्तावेज भी तैयार किए जा रहे हैं.
केंद्र सरकार और राज्य सरकार की पुनर्वास योजनाओं का पूरा लाभ देकर नक्सलियों को मुख्यधारा में लाया जाएगा. वहीं घरकुल योजना के लाभ के साथ ही शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण के कई लाभ मिलेंगे. पुरस्कार राशि दी जायेगी. समर्पित नक्सलियों में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ जोन के पूर्व प्रवक्ता विकास उर्फ अनंत नागपुरे समेत 14 महिला-पुरुष शामिल थे.
समर्पित नक्सलियों द्वारा बनाई गई बांस की कलाकृति को जिलाधीश डा. गोंदावले, पुलिस अधीक्षक भामरे और खुफिया विभाग के सहायक आयुक्त औटी को भेंट किया गया. इस अवसर पर हवलदार मुश्ताक सैयद, लक्ष्मण घरत, सुरेंद्र हिचामी, अनिल कोरे, सुरेश चंद्रिकापुरे, माधुरी गजभिये, पुलिस नायक संजय कटरे, सिपाही लीना मेश्राम, रमेश उइके, आशीष वंजारी, राजेश तावाड़े, सुरेश मडावी, अतुल कोल्हटकर नक्सली सेल में कार्यरत हैं और नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने के लिए पहल की.
संवैधानिक तरीके से जीवन जीने की नई शुरुआत करें : जिलाधीश डा. मंगेश गोंदावले
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