एशियन प्लांट के मास्टरमाइंड समेत कई राइस मिलर्स और ट्रांसपोर्टर अब भी फरार
गोंदिया. मध्य प्रदेश में फोर्टिफाइड चावल घोटाले की जांच में जुटी विशेष जांच टीम (एसआईटी) को बड़ी सफलता मिली है. इस मामले में अब महाराष्ट्र के गोंदिया से दो राइस मिल संचालकों को गिरफ्तार किया गया है. एसआइटी ने खंडेलवाल राइस मिल के संचालक किशनलाल खंडेलवाल और जुगल खंडेलवाल को गिरफ्तार किया है. दोनों पर एफसीआई गोदाम से एशियन प्लांट के नाम पर निकाले गए फोर्टिफाइड चावल की खरीदी और उसके अवैध कारोबार में संलिप्त होने का आरोप है. इस मामले में गोंदिया जिले के अन्य राइस मिल संचालकों को भी गिरफ्तार करने की आशंका जताई जा रही है.
इससे पहले एसआईटी ने श्री बिहारी राइस मिल, नेरता के संचालक बिहारी पटेल, उनके मुनीम अजीत विमने, शांति राइस मिल के संचालक सुरेंद्र राणा तथा विजय राइस मिल के संचालक गौरव माहेश्वरी को गिरफ्तार किया था. खंडेलवाल बंधुओं की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है.
मास्टरमाइंड सहित कई आरोपी अब भी फरार
जांच एजेंसियों के अनुसार मामले का मुख्य आरोपी एशियन प्लांट का संचालक गोविंदा खेड़ा, फाइनेंस से जुड़े पिता-पुत्र, सिवनी के कुछ राइस मिल संचालक, ट्रांसपोर्टर तथा अन्य संबंधित लोग अभी भी फरार हैं. एसआईटी सूत्रों का दावा है कि फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जा सकती है. अब तक पुलिस एशियन प्लांट के प्रतिनिधि राहुल प्रताप, भूपालजिंदर रेकेरा श्रीवास्तव, सिवनी के ट्रांसपोर्टर उवैद खान, ट्रक चालक दुर्गेश शेंडे सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है.
ऐसे हुआ करोड़ों का घोटाला
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एफसीआई गोदाम से एशियन प्लांट के नाम पर फोर्टिफाइड चावल उठाया गया और उसे निर्धारित स्थान पर पहुंचाने के बजाय विभिन्न राइस मिलों में उतारकर अवैध रूप से बेचा गया. जांच के दौरान कुछ आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि चावल की खरीदी-बिक्री का भुगतान सिवनी में किया गया था. पुलिस अब इस वित्तीय लेन-देन की भी गहन जांच कर रही है.
5 हजार मीट्रिक टन से अधिक चावल जब्त
एसआईटी के अनुसार अब तक 5 हजार मीट्रिक टन से अधिक फोर्टिफाइड चावल बरामद किया जा चुका है, जिसकी अनुमानित कीमत 12 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है. इसके अलावा एशियन प्लांट के नाम पर रवाना किए गए चावल को विभिन्न राइस मिलों तक पहुंचाने वाले 20 से अधिक ट्रकों को भी पुलिस ने जब्त किया है. पुलिस का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क के माध्यम से करोड़ों रुपये के सरकारी फोर्टिफाइड चावल को खुले बाजार में खपाने का प्रयास किया गया. मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है.



