सुर्याटोला में नवनिर्मित बौध्द विहार में तथागत भगवान गौतम बुध्द मुर्ती का अनावरण संपन्न
गोंदिया. गोंदिया शहर स्थित सुर्याटोला परिसर में श्रीमती उमादेवी गोपालदासजी अग्रवाल के शुभ हस्ते पार्षद श्री सुनील भालेराव की अध्यक्षता में भगवान बुध्द मुर्ती स्थापना एवं अनावरण संपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि, उक्त बुध्द विहार का निर्माण पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल के प्रयत्नों से स्थानीय कॉग्रेस कार्यकर्ता श्रीमती मौसमी भालाधरे (मेश्राम) के अनुरोध पर किया गया था।
इस शुभ अवसर पर उपस्थितों को संबोधित करते हुए श्रीमती उमादेवी गोपालदास अग्रवाल ने कहा कि, आज सुर्याटला में तथागत भगवान गौतम बुध्द के इस बौध्द विहार में भगवान गौतम बुध्द की प्रतिमा के अनावरण के पावन अवसर पर उपस्थित होकर अत्यंत प्रसन्नता एवं आत्मिक शांति की अनुभूति हुई। भगवान गौतम बुध्द ने संपूर्ण विश्व को सत्य, अहिंसा, करुणा, मैत्री और मानवता का संदेश दिया। उनका जीवन हमें यह सिखाता है, कि समाज में किसी भी प्रकार के भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए तथा प्रत्येक व्यक्ति को समानता, सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार है।
भगवान बुध्द का अप्प दीपो भव का संदेश हमें स्वयं ज्ञान का प्रकाश बनकर समाज को सही दिशा देने की प्रेरणा देता है। आज के तनावपूर्ण और संघर्षपूर्ण समय में बुध्द के विचारों की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है। समाज में शांति, भाईचारा और सामाजिक समरसता स्थापित करने के लिए उनके बताए मार्ग को अपने आचरण में उतारना आवश्यक है।
भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने भगवान बुध्द के समता, स्वतंत्रता, बंधुता और न्याय के विचारों को आगे बढ़ाते हुए सामाजिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया। हमें बाबासाहेब के सपनों के अनुरुप ऐसा समाज बनाने का संकल्प लेना चाहिए, जिसमें शिक्षा, समान अवसर और सामाजिक न्याय प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे। इस सुंदर बौध्द विहार में भगवान गौतम बुध्द की प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों के लिए केवल श्रध्दा का केंद्र ही नहीं, बल्कि ज्ञान, करुणा, शांति और सामाजिक एकता की प्रेरणा का केंद्र बनेगी।
श्रीमती मौसमी भालाधरे (मेश्राम) ने इस पुनीत कार्य में सहयोग के लिए पुर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल, नगराध्यक्ष सचिन शेंडे, नगरसेवक सुनील भालेराव संपुर्ण बौध्द विहार समिति के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, उपासक उपासिकाओं एवं सहयोगकर्ताओं का अभिनंदन करते हुए, सभी को भगवान बुध्द के बताए धम्म मार्ग पर चलकर समाज और मानवता की सेवा करने का आव्हान किया।



