रेलवे लाइन के लिए कौड़ियों के भाव जमीन का मुआवजा!, 7 सितंबर को किसानों का ‘रास्ता रोको’

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12 गांवों के किसान होंगे शामिल, बाजार भाव से 5 गुना मुआवजे की मांग

गोंदिया. गुदमा-प्रताप बाग नई रेलवे लाइन के निर्माण के लिए अधिग्रहीत की जा रही जमीनों का कथित रूप से बेहद कम मुआवजा दिए जाने के विरोध में किसानों ने आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। किसान जमीन बचाओ संघर्ष समिति ने प्रशासन के रवैये के खिलाफ 7 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे कटंगी नाका, बालाघाट रोड, गोंदिया पर रास्ता रोको आंदोलन करने की घोषणा की है। समिति ने प्रशासन को 6 सितंबर तक मांगों का समाधान करने का अल्टीमेटम दिया है।

1 से 3 करोड़ का बाजार भाव, मुआवजा सिर्फ 19,930 रुपए!

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, रेलवे लाइन के लिए कटंगी कला, नागरा हलबी टोला, सावरी, गर्रा, गोंदिया खुर्द, पोवारी टोला, दतोरा, खमारी, चुलोद सहित करीब 12 गांवों के किसानों की खेती की जमीन, मकान, प्लॉट और दुकानें अधिग्रहीत की जा रही हैं। किसानों का दावा है कि क्षेत्र में जमीन का बाजार भाव 1 से 3 करोड़ रुपए प्रति एकड़ तक है, जबकि रेलवे प्रशासन द्वारा महज 19,930 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जा रहा है। इसे लेकर किसानों में भारी आक्रोश है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि 6 सितंबर तक मांगों का समाधान नहीं किया गया तो 7 सितंबर को आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस संबंध में अखिलेश सेट, अमित बुध्दे, राजेश नागरीकर, कार्तिक चव्हाण और मोहिनी वराडे ने पत्रपरिषद में जानकारी दी।

बैठक में मुआवजा ठुकराने का फैसला

23 अगस्त को कटंगी कला में आयोजित बैठक में प्रभावित भू-धारकों ने सर्वसम्मति से कम मुआवजा स्वीकार नहीं करने का निर्णय लिया। किसानों का कहना है कि जमीन और संपत्ति के वास्तविक बाजार मूल्य को ध्यान में रखकर ही उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।

ज्ञापन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

किसानों ने अपनी मांगों को लेकर गोंदिया के उपविभागीय अधिकारी (SDO) को लिखित विरोध ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन की प्रतियां सांसद राजेंद्र जैन, पालकमंत्री, विधायक विनोद अग्रवाल और जिलाधिकारी को भी भेजी गई हैं। समिति का आरोप है कि ज्ञापन देने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते अब किसानों ने आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है।

भजन गाते हुए करेंगे शांतिपूर्ण प्रदर्शन

समिति के अनुसार 7 सितंबर को किसान गाजे-बाजे के साथ भजन गाते हुए और काले दुपट्टे व काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से रास्ता रोको आंदोलन करेंगे। आंदोलन के दौरान एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड के वाहनों को रास्ता दिया जाएगा, ऐसा समिति ने स्पष्ट किया है।

किसानों की प्रमुख मांगें

अधिग्रहित होने वाली जमीन, मकान, प्लॉट और दुकानों के मालिकों को शासकीय नौकरी दी जाए।

जमीन एवं संपत्ति का बाजार भाव से पांच गुना अधिक मुआवजा दिया जाए।

आधी जमीन अधिग्रहित होने के बाद शेष जमीन अनुपयोगी होने वाले किसानों को पूरी जमीन का मुआवजा दिया जाए।

रेलवे लाइन के कारण बंद होने वाले खेतों के पांदन रास्तों के बदले वैकल्पिक रास्ते उपलब्ध कराए जाएं।

 

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