बाकलसर्रा के जंगल में वन विभाग की कार्रवाई; पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज, दो फरार
गोंदिया. वन विभाग के सालेकसा वनपरिक्षेत्र अंतर्गत बाकलसर्रा के जंगल में बिजली का करंट छोड़कर चीतल का शिकार किए जाने का मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चीतल की ताजी खाल, मांस और शिकार में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जब्त की है। इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। इनमें से दो आरोपी फरार जा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर 2026 को वन विभाग को गोपनीय सूचना मिली कि सालेकसा वनपरिक्षेत्र के मौजा बाकलसर्रा के जंगल में बिजली का करंट छोड़कर संरक्षित वन्यजीव चीतल का शिकार किया गया है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर छापेमारी की। मौके की जांच के दौरान चीतल की ताजी चित्तीदार खाल, मांस और शिकार से संबंधित सामग्री मिली। इसके बाद जांच अधिकारी वनपाल की उपस्थिति में पंचों के समक्ष घटनास्थल का पंचनामा तैयार कर पूरा माल जब्त किया गया। जब्त चीतल के मांस और खाल के नमूनों को चिकित्सकीय परीक्षण तथा न्यायवैज्ञानिक जांच के लिए पशुधन विकास अधिकारी (एलडीओ) और न्यायवैज्ञानिक प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वन विभाग ने इस मामले में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 48, 50 और 51 के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले की आगे की जांच जारी है। वन विभाग के अनुसार, इस मामले में नरेंद्र श्रीराम चौडाये (26), दिनेश भरतलाल मेश्राम (26), राजू भागचंद उईके (30), भरतलाल किसनलाल मेश्राम (60) और कृष्णा बिसराम चौडाये (55), सभी निवासी बाकलसर्रा, तहसील सालेकसा, जिला गोंदिया, के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें से दो आरोपी फरार हैं। वन विभाग की टीम फरार आरोपियों की तलाश कर रही है तथा मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
यह कार्रवाई उपवनसंरक्षक पवन कुमार जोग और सहायक वनसंरक्षक सचिन डोंगरवार के मार्गदर्शन में सालेकसा वनपरिक्षेत्र अधिकारी अतुल वालके के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में क्षेत्र सहायक जे. जी. खान, क्षेत्र सहायक चौव्हान, प्रदीप भंडारकर, किशोर फुंडे, विनोद भेंडारकर, पाऊलझगडे, सुलाखे और सुनील बारसे सहित वनरक्षक एवं वनकर्मचारी शामिल थे। वन विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में वन्यजीवों के अवैध शिकार का मामला उजागर हुआ है। प्रकरण की आगे की जांच सालेकसा वनपरिक्षेत्र कार्यालय द्वारा की जा रही है।



