गोंदिया. बीते 6-7 दिनो से लापता एक महिला का शव महाराष्ट्र राज्य की सीमा क्षेत्र के वैनगंगा नदी किनारे स्थित गांव अर्जुनी के जंगल से बरामद किया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बता दे कि 28 जनवरी से महिला घर से लापता थी। जानकारीनुसार जिसे 2 जनवरी को महाराष्ट्र राज्य के गोंदिया जिला के थाना दवनीवाड़ा से मध्यप्रदेश के खैरलांजी थाने में सूचना मिली कि उनके थाना क्षेत्र अंतर्गत अर्जुनी में एक महिला का शव है। जिसकी पहचान के लिए थाना पुलिस द्वारा मौका स्थल पर परिजनो को भी ले जाया गया।
परिजनो ने की कपड़ो से की मृतिका पूनम की पहचान
पुलिस की सूचना पर पहुंचे परिजनो ने लापता हुई महिला की पहचान कर ली। बताया जाता है कि 28 जनवरी को मृतिका पूनम पिता गोपीचंद तुमाने उम्र 27 वर्ष निवासी खैरी की गुम इंसान कायमी खैरलांजी थाने में मृतिका के छोटे भाई तुषार पिता गोपीचंद तुमाने द्वारा की गई थी। इस मामले में पुलिस थाना खैरलांजी में पदस्थ एएसआई सतीश आरमो द्वारा जांच करते हुए गुम इंसान कायमी 4/26 के तहत मामला पंजीबद्ध कर उक्त महिला की पतासाजी करने की जानकारी बताई गई।
उक्त घटनाक्रम में यह पहलु भी आए सामने
उक्त घटनाक्रम में रिपोर्टकर्ता मृतिका के भाई ने बताया कि वह मिट्टी के बर्तन बनाने का काम करता है और उसकी चार बहने है जिसमें मृतिका पूनम सबसे बड़ी बहन है। जिसका प्रकरण न्यायालय वारासिवनी में चल रहा है। जिसकी पेशी 28 जनवरी को को सुबह 11:30 बजे से थी लेकिन वह शाम तक भी घर वापसी नही आई है। उन्होने बताया कि सभी नाते-रिश्तेदार में और जान-पहचान में भी पता नही चल रहा है। रिपोर्टकर्ता छोटे भाई ने बताया कि वह अपनी बहन का पता नही चलने पर अपने मामा गणेश टरडे और गांव के संजय तितरमारे के साथ आया है।
रिपोर्टकर्ता के साथ गुमशुदगी की रिपोर्ट करने गए युवक पर ही जताई थी आशंका
बताया जाता है कि पूनम का विवाह वर्ष 2020 में जिला सिवनी के पिपरवानी में हुआ था। शादी के दो माह बाद ही ससुराल वालो ने पूनम के स्वास्थ्य की जांच करवाई तो वह पांच माह की गर्भवती होने की जानकारी बताई गई। जिसके कारण पूनम के ससुराल वालो ने पूनम के साथ रिश्ता रखने पर आपत्ति जताई और इसी नाराजगी में उन्होने पूनम को उसके मायके छोड़ दिया। जिससे मायके में यह पता चला कि पूनम का रिश्ता मायके में गांव के ही राकेश तुमाने के साथ लगभग 15 वर्षो से है। राकेश तुमाने ने यह रिश्ता स्वीकारते हुए पूनम को अपने घर में रख लिया। इसी दौरान पूनम ने सात माह में ही एक बच्चे को जन्म दिया लेकिन वह बच्चा कम समय में जन्म लेने के कारण पूर्ण रूप से स्वस्थ नही था। जिसे जिले के अस्पताल में तीन दिन तक आईसीयू में रखा गया लेकिन वह बच्चा नही बच सका। इस घटना से आहत हुई पूनम ने राकेश और उसके परिजनो पर आरोप लगाया कि तुम्हारे कारण मेरा बच्चा नही बचा। और इसकी शिकायत पूनम द्वारा खैरलांजी थाने में राकेश तुमाने और उसके परिजनो के खिलाफ भी की गई थी। लेकिन गुमशुदगी के दूसरे दिन परिजनो ने थाना खैरलांजी में खैरी के युवक संजय तितरमारे के ऊपर शंका जाहिर की थी कि पूनम खैरी निवासी संजय तितरमारे के साथ पेशी पर जाने वाली थी।संजय तितरमारे ने ही पूनम को कंही छुपाकर रखा है।
खैरलांजी थाने में संजय तितरमारे से हुई थी पूछताछ
परिजनो के शक के आधार पर खैरलांजी पुलिस द्वारा लगातार 29 जनवरी से लेकर पूछताछ के लिए संजय तितरमारे को बुलाया जा रहा था लेकिन संजय तितरमारे ने पुलिस को कोई भी जानकारी नही होना बताया।






