Saturday, June 22, 2024
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गोंदिया: NRHM अंतर्गत जिला अस्पताल में फर्जी दस्तावेजों पर नियुक्ति, युवासेना (शिंदे गुट) ने की दोषियों पर कार्रवाई की मांग…

गोंदिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान एनआरएचएम के अंतर्गत कॉन्ट्रेक्ट बेसिक पर जिला सरकारी अस्पताल में कर्मचारियों की नियुक्ति बोगस दस्तावेजों के आधार किये जाने का बड़ा खुलासा शिवसेना युवासेना (शिंदे गुट) द्वारा पत्र परिषद के माध्यम से किया गया है। इन जाली दस्तावेजों के आधार पर नॉकरी पाकर सीधे मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किये जाने का आरोप शिवसेना ने किया।
युवासेना (शिंदे गुट) के जिलाप्रमुख ऋषभ मिश्रा ने इस जाली दस्तावेजों के आधार पर कर्मचारियों की नियुक्ति मामले में जिला अस्पताल के जिला शल्य चिकित्सक एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी पर पद का दुरूपयोग कर भारी भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया एवं जिलाधिकारी से लेकर राज्य के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री को पत्र प्रेषित कर दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
इस मामले में पत्र परिषद में जानकारी देते हुए युवासेना जिला प्रमुख ऋषभ मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत ठेकेदारी पद्धति पर कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए 26 सितंबर 2022 को जाहिर सूचना प्रकाशित की गई थी। जिसमें कोल्ड चैन टेक्नीशियन,
साइकोलॉजिस्ट डीपीआईसी व साइकोलॉजिस्ट डीएमएचपी इन पदों पर नियुक्ति की जानी थी। जिसके लिए चयन किए गए उम्मीदवारों को 31-12-2022 को मूल दस्तावेजों के साथ जिला शल्य चिकित्सा के कार्यालय में बुलाया गया था।
इस नियुक्ति में जिला शल्य चिकित्सक द्वारा पहले अपात्र किए गए कोल्ड चैन टेक्नीशियन के पद के लिए फिर से विक्की रमेश सौन्द्ररकर नामक व्यक्ति का चयन किया जिसके द्वारा अपने दस्तावेजों में तहसील कार्यालय गोंदिया में तहसीलदार का प्रमाण पत्र जोड़ा गया है जिसमें 1 जुलाई 2018 से 21 जुलाई 2021 तक बिना मानधन के आवश्यकता अनुसार तहसील कार्यालय में चैन कोल्ड टेक्नीशियन के पद पर काम करना बताया गया है।
उल्लेखनीय है कि तहसील कार्यालय में इस प्रकार का किसी भी प्रकार का यूनिट नहीं है तथा जो प्रमाण
पत्र दिया गया है जिस पर संदेह होने पर इस संदर्भ में तहसीलदार गोंदिया को पत्र लिखकर जानकारी मांगे जाने पर तहसीलदार संतोष खंडारे द्वारा दिए गए
पत्र से यह स्पष्ट हुआ कि इस प्रकार का प्रमाण पत्र तहसील कार्यालय गोंदिया से जारी नहीं किया गया है। जिसके चलते संबंधित उम्मीदवार द्वारा बोगस प्रमाण पत्र दिया।
इस मामले में स्पष्ट होता है कि जिला शल्य चिकित्सक व जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा दस्तावेजों की जांच ना कर जाली दस्तावेजों के आधार पर जिला चिकित्सालय जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अपात्र उम्मीदवारों को नियुक्ति दे रहे जिसमें बड़ी भारी संख्या में भ्रष्टाचार होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
विशेष यह है कि इस नियुक्ति में शासकीय जिला चिकित्सालय में समाज सेवक के पद पर कार्यरत दिलीप ब्राह्मणकर नामक व्यक्ति जो नियम बाहय वैद्यकीय विभाग में गत अनेक वर्षों से कार्य कर रहा है उसके द्वारा यह किया गया है। क्योंकि विक्की, ब्राह्मणकर का ड्राइवर रह चुका है। इसके साथ ही ब्राह्मणकर द्वारा एनएचएम की भर्ती में अपने रिश्तेदारों को भी एचआईवी सेंटर में बोगस दस्तावेजों के आधार पर जिला शल्य चिकित्सक से सांठगांठ कर नौकरी दिलवाई है। साथ ही शासकीय चिकित्सालय में एनएचएम के माध्यम से डायलिसिस यूनिट में भी करीब 6 टेक्नीशियन को नियुक्त किया गया है जिनकी शिक्षा पात्र ना होते हुए भी उनकी नियुक्ति की गई है। जिसमें भी भारी भ्रष्टाचार होने व मरीजों की जान से खिलवाड़ किए जाने का मामला सामने आया है। इस भ्रष्टाचार के गंभीर मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग पत्र के माध्यम से की गई है।
पत्र परिषद में युवासेना (शिंदे गुट) जिला प्रमुख ऋषभ मिश्रा, अमनदीप भाटिया, राजा शेख, आशु मक्कड़, सिमन चौधरी, गौरव निमजे, कृष्णा बाहे, वीरेंद्र मुरकुटे, आनंद तिड़के की उपस्थिति रही।
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