गोंदिया. जिले में राष्ट्रीय कृमिनाशक दिवस अभियान की प्रभावी अमलदारी के लिए सोमवार, 26 अक्टूबर को अपर जिलाधिकारी अभिजीत घोरपडे की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक हुई. जिले में यह अभियान 27 अक्टूबर से शुरू होगा, जबकि 3 नवंबर को दवा लेने से छूट गए बच्चों के लिए मॉप-अप राउंड चलाया जाएगा.
बैठक में अपर जिलाधिकारी घोरपडे ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान कोई भी पात्र बच्चा कृमिनाशक गोली के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा, महिला व बाल विकास तथा अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें। साथ ही अभियान के बारे में नागरिकों और अभिभावकों तक जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक जनजागृति की जाए. जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. अभिजीत गोल्हार ने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थाओं और क्षेत्रीय कर्मचारियों को सूक्ष्म नियोजन के साथ काम करना होगा. कृमिनाशक गोलियों के वितरण, लाभार्थियों की सूची, आवश्यक कर्मचारियों की उपलब्धता और अभियान की नियमित समीक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए. स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थाओं के सहयोग से पात्र बच्चों तक पहुंचने का प्रयास किया जाए. सहायक जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. अरविंदकुमार वाघमारे ने सभी तहसील को पूर्व तैयारी पूरी करने तथा दवाओं के उचित नियोजन और वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच समन्वय बनाए रखते हुए अभियान की नियमित समीक्षा की जाए. 3 नवंबर के मॉप-अप राउंड का भी उचित नियोजन किया जाए, ताकि पहले चरण में छूटे बच्चों को दवा दी जा सके. बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. अभिजीत गोल्हार, सहायक जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. अरविंदकुमार वाघमारे, जिला माता व बालसंगोपन अधिकारी डा. राजेश बेलमकर, जिला विस्तार व माध्यम अधिकारी विजय आखाडे, विभिन्न तहसीलों के स्वास्थ्य अधिकारी तथा अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे.
गोंदिया. जिले में राष्ट्रीय कृमिनाशक दिवस अभियान की प्रभावी अमलदारी के लिए सोमवार, 26 अक्टूबर को अपर जिलाधिकारी अभिजीत घोरपडे की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक हुई. जिले में यह अभियान 27 अक्टूबर से शुरू होगा, जबकि 3 नवंबर को दवा लेने से छूट गए बच्चों के लिए मॉप-अप राउंड चलाया जाएगा.
बैठक में अपर जिलाधिकारी घोरपडे ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान कोई भी पात्र बच्चा कृमिनाशक गोली के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा, महिला व बाल विकास तथा अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें। साथ ही अभियान के बारे में नागरिकों और अभिभावकों तक जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक जनजागृति की जाए. जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. अभिजीत गोल्हार ने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थाओं और क्षेत्रीय कर्मचारियों को सूक्ष्म नियोजन के साथ काम करना होगा. कृमिनाशक गोलियों के वितरण, लाभार्थियों की सूची, आवश्यक कर्मचारियों की उपलब्धता और अभियान की नियमित समीक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए. स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थाओं के सहयोग से पात्र बच्चों तक पहुंचने का प्रयास किया जाए. सहायक जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. अरविंदकुमार वाघमारे ने सभी तहसील को पूर्व तैयारी पूरी करने तथा दवाओं के उचित नियोजन और वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच समन्वय बनाए रखते हुए अभियान की नियमित समीक्षा की जाए. 3 नवंबर के मॉप-अप राउंड का भी उचित नियोजन किया जाए, ताकि पहले चरण में छूटे बच्चों को दवा दी जा सके. बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. अभिजीत गोल्हार, सहायक जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. अरविंदकुमार वाघमारे, जिला माता व बालसंगोपन अधिकारी डा. राजेश बेलमकर, जिला विस्तार व माध्यम अधिकारी विजय आखाडे, विभिन्न तहसीलों के स्वास्थ्य अधिकारी तथा अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे.



