पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना-2026 के तहत मिलेगी राहत, ई-केवाईसी के बिना नहीं मिलेगा लाभ
गोंदिया. महाराष्ट्र शासन की पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना-2026 के तहत पात्र किसानों को कर्जमाफी, वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) तथा प्रोत्साहन लाभ प्रदान किए जाएंगे। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को आधार प्रमाणीकरण (ई-केवाईसी) तत्काल पूरा करना अनिवार्य है। यह जानकारी जिलाधिकारी मंदार पत्की ने शुक्रवार को आयोजित पत्रकार परिषद में दी। पत्रकार वार्ता में जिला उपनिबंधक सहकारी संस्था योगेशकुमार बाकरे तथा अग्रणी बैंक के जिला प्रबंधक कुशल तिराळे भी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी ने बताया कि कुछ बैंकों की ग्राम स्तर पर प्रकाशित बकाया सूची और शासन के पोर्टल पर दर्ज राशि में अंतर पाया गया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि पोर्टल पर दर्ज बकाया राशि ही अंतिम और मान्य होगी। यह राशि 31 मार्च 2026 तक की होगी तथा अप्रैल 2026 के बाद का अतिरिक्त ब्याज किसानों से नहीं लिया जाएगा। इस संबंध में सभी बैंकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर दर्ज राशि से सहमत किसान तुरंत आधार प्रमाणीकरण कराएं। प्रमाणीकरण सफल होने के बाद किसानों को रसीद दी जाएगी, जिसमें कर्जमाफी की स्वीकृत राशि का पूरा विवरण रहेगा। इसके बाद कर्जमाफी की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे संबंधित ऋण खाते में जमा की जाएगी। ऋण पूरी तरह समाप्त होने पर किसानों को नो ड्यूज प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि कर्जमाफी का लाभ लेने वाले पात्र किसानों को खरीफ सीजन के लिए नया फसल ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश भी बैंकों को दिए गए हैं। यदि पोर्टल की जानकारी में कोई त्रुटि हो तो किसान शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों का निपटारा जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति तथा तहसील स्तर पर गठित समिति करेगी। योजना के तहत एनपीए और बकाया ऋण खातों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। दो लाख रुपये तक के पात्र एनपीए खातों में समझौता राशि का 55 प्रतिशत (अधिकतम दो लाख रुपये) शासन देगा, जबकि शेष राशि बैंक त्याग कर खाता बंद करेगा। दो लाख रुपये से अधिक के खातों में किसान को अतिरिक्त राशि पहले जमा करनी होगी, उसके बाद शासन अधिकतम दो लाख रुपये का भुगतान करेगा। इसी प्रकार बकाया केसीसी और पुनर्गठित ऋण खातों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिन पात्र किसानों का निधन हो चुका है, उनके कानूनी वारिसों को संबंधित बैंक, सेवा संस्था एवं तलाठी कार्यालय में उत्तराधिकारी पंजीकरण कराना होगा। ऋण खाते को वारिस के नाम स्थानांतरित कर आधार लिंक होने के बाद ही कर्जमाफी की राशि जारी की जाएगी।
जिले में ई-केवाईसी की स्थिति
जिले में अब तक 30,295 किसानों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया गया है। इनमें 18,830 किसान जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक तथा शेष राष्ट्रीयकृत बैंकों के खाताधारक हैं। अब तक 13,042 किसानों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, जबकि 8,574 प्रकरण अभी लंबित हैं। शेष मामलों में प्रक्रिया जारी है। जिलाधिकारी मंदार पत्की ने किसानों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की देरी किए बिना आधार प्रमाणीकरण पूरा करें, ताकि कर्जमाफी की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण हो सके और खरीफ सीजन के लिए नया फसल ऋण प्राप्त करने में कोई बाधा न आए।



