गोंदिया जिले में पहला दत्तक आदेश, दो मासूमों को मिला परिवार का सहारा

0
8

गोंदिया. माता-पिता का प्रेम, परिवार का सहारा और ममता की छांव हर बच्चे के स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन के लिए बेहद जरूरी है। प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण इन सुविधाओं से वंचित बच्चों को सुरक्षित, प्रेमपूर्ण एवं स्थायी परिवार उपलब्ध कराने की दिशा में गोंदिया जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित आसरा शिशुगृह के दो बच्चों की दत्तक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें उनके अधिकार का परिवार सौंपा गया। जिलाधिकारी मंदार पत्की के आदेश से गोंदिया जिले में यह पहला दत्तक आदेश जारी किया गया। दत्तक प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों बच्चों को पात्र दत्तक अभिभावकों के सुपुर्द किया गया।

न्यायालय से जिलाधिकारी के पास आई प्रक्रिया
जिले में दत्तक प्रक्रिया न्यायालय से जिलाधिकारी के पास हस्तांतरित होने के बाद जिलाधिकारी मंदार पत्की ने पहला दत्तक आदेश जारी किया। इसके बाद दोनों बच्चों को पात्र दत्तक माता-पिता को सौंपा गया। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा दत्तक प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए थे। इन निर्देशों पर तत्काल अमल करते हुए जिला प्रशासन ने दत्तक प्रक्रिया को गति दी। दत्तक ग्रहण नियमावली 2022 तथा बाल न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के प्रभावी क्रियान्वयन से दोनों बच्चों को अब घर के साथ प्रेम, ममता, सुरक्षा एवं परिवार का सहारा मिला है।

विभिन्न विभागों के समन्वय से प्रक्रिया पूर्ण
पूरी प्रक्रिया जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी तुषार पौनिकर, जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजानन गोबाडे, संरक्षण अधिकारी असंस्थात्मक मुकेश पटले, आचल फुलेकर, विशेष दत्तक संस्था की अधीक्षिका, डॉ. सचिन उईके तथा केंद्रीय दत्तक संसाधन प्राधिकरण (CARA) एवं राज्य दत्तक संसाधन प्राधिकरण के समन्वय से ऑनलाइन एवं पारदर्शी तरीके से पूर्ण की गई। पहले बच्चों को दत्तक देने का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा लिया जाता था। दत्तक प्रक्रिया में तेजी लाने और बच्चों का शीघ्र पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय दत्तक संसाधन प्राधिकरण के माध्यम से अब जिलाधिकारी स्तर पर दत्तक आदेश की प्रक्रिया शुरू की गई है।

पुनर्वास का महत्वपूर्ण माध्यम
दत्तक प्रक्रिया को केवल प्रशासनिक प्रक्रिया के रूप में नहीं, बल्कि अनाथ, निराश्रित, परित्यक्त एवं समर्पित बच्चों के पुनर्वास के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में देखने की आवश्यकता है। प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, प्रेमपूर्ण एवं स्थायी परिवार मिले, इसके लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है।

जिलाधिकारी ने मासूमों को गोद में लिया
दत्तक आदेश की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिलाधिकारी मंदार पत्की ने दोनों मासूमों को अपनी गोद में लिया। बच्चों के चेहरों पर खुशी देखकर उपस्थित वातावरण भावुक हो गया। जिलाधिकारी ने बच्चों एवं दत्तक अभिभावकों के बारे में जानकारी ली। बच्चों को उनके नए माता-पिता को सौंपते हुए उन्होंने दोनों परिवारों को बधाई दी और उनके सुखद भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। जिलाधिकारी मंदार पत्की ने पात्र एवं इच्छुक दंपतियों से शासन की अधिकृत दत्तक प्रक्रिया में पंजीयन कर नियमानुसार दत्तक प्रक्रिया पूर्ण करने का आह्वान किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here