गोंदिया. महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण गोंदिया के कार्यकारी अभियंता ने एसीबी द्वारा की जा रही कार्रवाई के लिए पंच के तौर पर मजीप्रा के वरिष्ठ लिपीक अमित रमेश पवार (45) को नियुक्त किया था. लेकिन उन्होंने इस आदेश की अनदेखी कर उपस्थित रहने से इंकार कर दिया. सरकारी काम में बाधा डालने और अनुचित परेशानी पैदा करने के इरादे से उस आदेश और सरकारी निर्णय का उल्लंघन किया. साथ ही आरोपी का यह काम भ्रष्टाचार को समर्थन देने वाला प्रतीत होने पर उसके खिलाफ थाने में मामला दर्ज किया गया.
शिकायतकर्ता ने एक लोक सेवक के खिलाफ रिश्वत की मांग के लिए शिकायत की थी. शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर एसीबी विभाग को एक सरकारी पंच की आवश्यकता थी. पंच (गवाह) के रूप में सेवाएं प्रदान करने के लिए गोपनीय कार्यवाही के लि वर्ग-3 के दो कर्मचारियों (पंच) के प्रावधान के संबंध में मजीप्रा के कार्यकारी अभियंता को पत्र जारी किया गया था. इस पत्र के अनुसार, कार्यकारी अभियंता ने मजीप्रा के वरिष्ठ लिपिक अमित रमेश पवार को शासकीय कार्य के लिए एसीबी कार्यालय गोंदिया में मध्यस्थ के रूप में उपस्थित होने का आदेश दिया है. लेकिन, उन्होंने एसीबी कार्यालय गोंदिया में उपस्थित होने से साफ इंकार कर दिया और चले गये तथा अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया. आरोपी अपने कार्यालय प्रमुख के आदेशानुसार शासकीय कार्य के लिए भ्रष्टाचार निवारण विभाग गोंदिया में उपस्थित नहीं हुआ. आरोपी ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए आदेश की अवहेलना की और जानबूझकर सरकारी काम से बचने, सरकारी काम में बाधा डालने और अनुचित परेशानी पैदा करने के इरादे से उस आदेश और सरकारी निर्णय का उल्लंघन किया. साथ ही आरोपी का यह काम भ्रष्टाचार को समर्थन देने वाला प्रतीत होने पर एसीबी गोंदिया के पुलिस निरीक्षक तथा प्रभारी पुलिस उपअधीक्षक उमाकांत उगले की शिकायत पर उसके खिलाफ रामनगर थाने में मामला दर्ज किया गया.
मजीप्रा वरिष्ठ लिपीक के खिलाफ मामला दर्ज, पंच के तौर पर उपस्थित रहने से किया इंकार
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