गोंदिया. जिप सीईओ मुरुगानंथम ने 24 नवंबर को सालेकसा तहसील के बाम्हणी (पाथरी) के ग्राम पंचायत अधिकारी संजू भूरा खोब्रागड़े को निलंबित कर दिया. जांच के दौरान बिना टेंडर निकाले बिल जारी करने, 15वें वित्त आयोग के निधि का गलत इस्तेमाल करने और कई दूसरे मामले सामने आए.
बाम्हणी (पाथरी) ग्राम पंचायत के ग्राम पंचायत अधिकारी संजू भूरा खोब्रागड़े पर आरोप है कि उन्होंने 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में मिले निधि के लिए सालाना टेंडर किए बिना ठेकेदार देवांश ट्रेडर्स के नाम पर गैर-कानूनी तरीके से बिल जारी किए, 15वें वित्त आयोग से मिला निधि गबन किया, श्री शक्ति कंप्यूटर्स एंड मोबाइल से ग्राम पंचायत के लिए 15वें वित्त आयोग से मिले निधि का गबन किया, देवांश ट्रेडर्स के नाम पर अपने बैंक अकाउंट में गैर-कानूनी तरीके से पैसे ट्रांसफर किए, अपने सीनियर अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की और ड्यूटी में लापरवाही की. जांच में पाया गया कि उन्होंने जानबूझकर जांच के दौरान रुकावट डाली. बार-बार चेतावनी देने के बाद भी व्यवहार में सुधार नहीं होने पर जिप सीईओ मुरुगानंथम ने महाराष्ट्र जिला परिषद, जिला सेवा (आचरण) नियम, 1967 के नियम 3 के प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए संजू खोब्रागड़े के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की. उनकी सेवा अर्जुनी मोरगांव पंचायत समिति से जोड़ दी गई. जिससे अब पाथरी के कार्य में पारदर्शिता दिखने की उम्मीद है.






