Saturday, April 18, 2026
Google search engine
HomeUncategorizedकिंड़गीपार में लाठीचार्ज,  5 पुलिसकर्मी व ग्रामवासी घायल

किंड़गीपार में लाठीचार्ज,  5 पुलिसकर्मी व ग्रामवासी घायल

गोंदिया. आमगांव तहसील के किंड़गीपार गांव में शराब की दुकानें हमेशा के लिए बंद करने की मांग को लेकर ग्रामवासियों में रोष हैं. ग्रामवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर अगले चार दिनों में गांव में शराब पर रोक नहीं लगी, तो वे ट्रेन रोको आंदोलन करेंगे. इस बारे में तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा भेजा गया है. इस बीच, ग्रामीण प्रतिबंधात्मक धारा लागू होने की वजह से आंदोलन न करने का नोटिस देने गए पुलिसवालों का विरोध कर रहे ग्रामवासी और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की हो गई. धक्का-मुक्की करने वालें तीन लोगों को 6 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया. नोटिस का विरोध करने वाले की गिरफ्तारी से ग्रामवासी भड़क गए. जैसे ही उन्हें गिरफ्तार किया गया, ग्रामवासियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके. पुलिस प्रशासन का कहना है कि इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया. जिसमें पुलिसकर्मी जयश्री ईश्वर गाडबांधे, सुरेखा अवताड़े, शाम ब्राह्मणकर, मनीषा निकम, प्रवीण डांगे और कुछ ग्रामवासी घायल हो गए. ग्रामवासी देर रात तक पुलिस थाने में थे. जिससे आमगांव थाने में तनाव पैदा हो गया. यह तनाव देर रात तक जारी रहा.

किंडगीपार गांव की आबादी करीब 2,500 है, जिसमें ज्यादातर लोग मजदूर, हमाल व खेतिहर मजदूर हैं. आमगांव से कुछ किलोमीटर दूर इस गांव में आंगनवाड़ी, प्राथमिक स्कूल और गौशाला जैसी बेसिक सुविधाएं हैं. यह गांव खास तौर पर अपनी साफ-सफाई और रखरखाव के लिए जाना जाता है. महिलाओं ने अपना इरादा जताया कि गांव की तरक्की और अच्छे सामाजिक माहौल के लिए गांव में शराब की दुकान नहीं होनी चाहिए. जागरूक महिलाओं, युवाओं और ग्रामवासियों का उठाया गया यह कदम समाज की भलाई के हिसाब से अहम माना जा रहा है. गांव में शराब की दुकान को जल्द से जल्द बंद करने के लिए चुनाव कराए जाने चाहिए और चुनाव तक शराब की दुकान बंद रखी जाए. अगर प्रशासन टालमटोल करता रहा तो 10 अप्रैल को रास्ता रोको आंदोलन किया जाएगा. रोषित ग्रामवासियों ने यह भी चेतावनी दी थी कि अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे तुरंत रेलवे ट्रैक पर सो जाएंगे और संतोष डोंडे, चुनेश्वरी हरिनखेड़े, प्रमिला खरोले, यमन पुसम व रूपकला भांडारकर के साथ आत्महत्या कर लेंगे. हालांकि, जब प्रशासन ने उनसे प्रतिबंधात्मक धारा लागू होने से आंदोलन न करने की विनंती, से आंदोलन तेज हो गया. जिसके बाद लाठीचार्ज किया गया. जिसमें पुलिसकर्मी सहित ग्रामीण भी घायल हो गए. किंडगीपार गांव और आमगांव थाने में देर रात तक तानाव की स्थिति कायम थी.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments