गोंदिया जिले में 8 पात्र उत्तराधिकारियों को गट-डी संवर्ग में सिपाही पद के लिए नियुक्ति पत्र वितरित
गोंदिया: अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 (संशोधित अधिनियम 2015) नियम 1995 एवं संशोधित नियम 2016 के तहत सरकार ने अनुसूचित जाति की हत्या/मौत के मामले में मृत व्यक्ति के योग्य उत्तराधिकारी को सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया है और इसके तहत सरकारी नौकरी मिलने से परिवार के सदस्यों को जीवन जीने की नई उम्मीद जगी है. ऐसा प्रतिपादन पालकमंत्री नाईक ने सामाजिक न्याय व विशेष सहायता विभाग की ओर से 20 अप्रैल को नियोजन सभागृह में नियुक्ति आदेश वितरण कार्यक्रम में किया. कार्यक्रम में विधायक विनोद अग्रवाल, जिला परिषद अध्यक्ष लायकराम भेंडारकर, समाज कल्याण समिति की अध्यक्ष रजनीताई कुंभारे, पूर्व विधायक राजेंद्र जैन, जिला जाति सत्यापन समिति के अध्यक्ष और अपर कलेक्टर (सेवानिवृत्त) प्रदीप कुलकर्णी, उपजिलाधिकारी (सामान्य प्रशासन) मानसी पाटिल, आदिवासी विकास प्रकल्प अधिकारी उमेश काशिद, जिप के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी तानाजी लोखंडे, जिला योजना अधिकारी मुरलीनाथ वाडेकर, समाज कल्याण सहायक आयुक्त किशोर भोयर, जिला समाज कल्याण अधिकारी कीर्तिकुमार कटरे उपस्थित थे.
पालकमंत्री नाईक ने आगे कहा, एट्रासिटी के तहत परिवार को जो क्षति हुई है, वह अपूरणीय है, लेकिन सरकार ने उस परिवार के घावों पर मरहम लगाने का काम जरूर किया है और ऐसे परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी विभाग में गट ड के पद पर नियुक्त किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि इससे अनुसूचित जाति और जनजाति पर एट्रासिटी में मरने वाले व्यक्ति के परिवार को आर्थिक लाभ मिलेगा. इस मौके पर उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार में आने वाले कर्मचारी परिवार का आर्थिक बोझ भी उठाएंगे और देश की भी सेवा करेंगे. समाज कल्याण सहायक आयुक्त किशोर भोयर ने कार्यक्रम की शुरुआत की, जबकि समाज कल्याण निरीक्षक स्वाति कापसे ने कार्यक्रम का संचालन किया व आभार माना. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक शामिल हुए. गोंदिया जिले में गट-ड संवर्ग में ‘सिपाही’ पद के लिए 8 पात्र उत्तराधिकारी हर्ष छेदीलाल इमलाह, संगीता भीमराज कुंभरे, देलेंद्र तोलूराम बेलबंशी, दिनेश श्रीराम दरवडे, आर्यन कृष्णकुमार मेश्राम, रजनी मनोहर घमगाये, निकिता अर्पित उके, दिशा निशांत मेश्राम को जारी किए गए हैं.






