नक्सल भत्ता बिल के लिए 7 हजार की रिश्वत; हिवताप कार्यालय के दो कर्मचारी एसीबी के जाल में

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गोंदिया. जिला हिवताप कार्यालय में नक्सल प्रोत्साहन भत्ते के एरियर्स बिल निकालने के लिए 7 हजार रुपए की रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है. सोमवार, 24 अगस्त को लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग (एसीबी) की टीम ने जाल बिछाकर रिश्वत की रकम स्वीकार करते हुए एक आरोग्य सेवक को रंगेहाथ गिरफ्तार किया. वहीं, रिश्वत स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित करने के आरोप में वरिष्ठ लिपिक को भी हिरासत में लिया गया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मारुति यादव दिपेवाड़ (39), आरोग्य सेवक तथा नीरजकुमार नरेश अग्रवाल (40), वरिष्ठ लिपिक, दोनों जिला हिवताप कार्यालय, गोंदिया के रूप में हुई है.

एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता के पिता जिला हिवताप विभाग में आरोग्य सेवक के पद पर कार्यरत थे और वर्ष 2016 में सेवानिवृत्त हुए थे। फरवरी 2026 में उनका निधन हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता अपनी मां की पारिवारिक पेंशन के संबंध में जानकारी लेने मार्च में जिला हिवताप कार्यालय पहुंचा था। इस दौरान वरिष्ठ लिपिक नीरजकुमार अग्रवाल ने शिकायतकर्ता को बताया कि उसके पिता के नक्सल प्रोत्साहन भत्ते का एरियर्स बिल भी लंबित है। आरोप है कि बिल निकालने के लिए अग्रवाल ने 6 हजार रुपए की मांग की। जून में शिकायतकर्ता जब बिल के संबंध में दोबारा जानकारी लेने कार्यालय पहुंचा तो उसे आरोग्य सेवक मारुति दिपेवाड़ से मिलने के लिए कहा गया। आरोप है कि दिपेवाड़ ने भी एरियर्स बिल निकालने के लिए 7 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। 21 अगस्त को शिकायतकर्ता ने फिर बिल के संबंध में पूछताछ की, तब भी 7 हजार रुपए की मांग दोहराई गई। रिश्वत देने के इच्छुक नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने 24 अगस्त को गोंदिया एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।

वॉइस रिकॉर्डिंग के बाद बिछाया जाल

शिकायत की पंचों तथा वॉइस रिकॉर्डर के माध्यम से जांच की गई। जांच में आरोग्य सेवक मारुति दिपेवाड़ द्वारा 7 हजार रुपए की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने की तैयारी सामने आई। वहीं, वरिष्ठ लिपिक नीरजकुमार अग्रवाल द्वारा दिपेवाड़ को रिश्वत स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित करने की बात भी एसीबी की जांच में सामने आई। इसके बाद एसीबी ने जाल बिछाया। शिकायतकर्ता को पंचों के साथ रिश्वत की रकम लेकर जिला हिवताप कार्यालय भेजा गया। जैसे ही मारुति दिपेवाड़ ने 7 हजार रुपए स्वीकार किए, एसीबी टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। इसी दौरान कार्यालय में मौजूद वरिष्ठ लिपिक नीरजकुमार अग्रवाल को भी हिरासत में लिया गया।दोनों लोकसेवकों के खिलाफ गोंदिया शहर पुलिस थाने में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।

एसीबी की टीम ने की कार्रवाई

यह कार्रवाई एसीबी के पुलिस उपअधीक्षक नीलेश लोधी के पर्यवेक्षण में पुलिस निरीक्षक अरविंद राऊत के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक उमाकांत उगले, एएसआई करपे, हेड कांस्टेबल बोहरे, कहालकर, एनपीसी शेंडे, बोपचे, कापसे, काटकर, सोनवणे, बाटबर्वे, एलएनपीसी पटले और डांगे शामिल रहे।

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