गोंदिया. महाराष्ट्र शासन के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर की संकल्पना से ‘30 वर्ष का पड़ाव, जांच और सलाह’ स्वास्थ्य अभियान 1 सितंबर से 10 दिसंबर तक 100 दिनों के लिए मिशन मोड में चलाया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में 30 वर्ष से अधिक आयु के महिला एवं पुरुषों में गैर-संचारी रोगों का समय रहते पता लगाकर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी झेनिथ दोंतुला ने जिले के नागरिकों से अपने नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचकर नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभिजीत गोल्हार ने बताया कि अभियान के तहत 30 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के ऐसे लोगों की सूची तैयार कर पंजीयन किया जाएगा, जिनकी अब तक जांच नहीं हुई है। मधुमेह और उच्च रक्तचाप का समय रहते निदान किया जाएगा। इसके अलावा मुख, स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की प्राथमिक जांच कर संदिग्ध मरीजों को आगे की जांच एवं उपचार के लिए रेफर किया जाएगा। जांच से लेकर निदान, उपचार एवं फॉलो-अप तक की जानकारी पोर्टल पर अपडेट की जाएगी। सहायक जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंदकुमार वाघमारे ने कहा कि यह अभियान गांव स्तर पर चलाया जाएगा और 30 वर्ष से अधिक आयु के शत-प्रतिशत लोगों की गैर-संचारी रोगों के संबंध में जांच करने का लक्ष्य रखा गया है। ‘मेरा गांव, स्वास्थ्य संपन्न गांव’ की संकल्पना को साकार करने में यह अभियान महत्वपूर्ण साबित होगा।
अभियान की प्रमुख विशेषताएं
अवधि : 1 सितंबर से अगले 100 दिनों तक मिशन मोड में अभियान चलाया जाएगा।
लक्ष्य समूह : राज्य के 30 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के सभी महिला और पुरुष।
मुख्य उद्देश्य : केवल स्वास्थ्य जांच करना ही नहीं, बल्कि बीमारी का जल्द पता लगाकर मरीज को तत्काल उचित उपचार उपलब्ध कराना और लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जनजागृति पैदा करना।
इन बीमारियों की होगी जांच
अभियान के तहत मुख्य रूप से मधुमेह और उच्च रक्तचाप की जांच की जाएगी। इसके साथ ही मुख कैंसर, स्तन कैंसर तथा गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की प्राथमिक जांच कर आवश्यकतानुसार आगे के उपचार के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा।
घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम
ग्रामीण क्षेत्रों में आशा स्वयंसेविका, एएनएम एवं एमपीडब्ल्यू प्रतिदिन लगभग 40 से 45 घरों का दौरा कर जांच से वंचित नागरिकों की जानकारी जुटाएंगे। समुदाय स्वास्थ्य अधिकारी एवं स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से गांववार दल तैयार कर नागरिकों की प्रत्यक्ष जांच की जाएगी।
जांच के बाद भी रहेगा फॉलो-अप
जांच के बाद मरीजों को आवश्यक परामर्श एवं उपचार सुविधा मिल रही है या नहीं, इस पर नियमित नजर रखी जाएगी। अभियान के दौरान होने वाली सभी जांचों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा तथा डैशबोर्ड के माध्यम से अभियान की प्रगति की निगरानी की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों से इस अभियान का लाभ उठाकर समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की है।



