गोंदिया : नाबालिग लड़की का यौन शोषण करने के एक मामले में सुनवाई करते हुए प्रमुख जिला व विशेष सत्र न्यायाधीश ए. टी. वानखेड़े ने आमगांव निवासी आरोपी सोमेश्वर अंबुले (47) को दोषी पाते हुए 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई. साथ ही 25 हजार रु. का जुर्माना भी लगाया. यह घटना आमगांव थाने के तहत घटी. इस संबंध में बताया गया कि घटना के दिन 30 जनवरी 2016 की दोप. 2 के आस पास अंबुले ने 6 वर्षिय नाबालिग को अपने घर पर बुलाया और पानी लाने कहा. इस दौरान वह भी उसके पिछे गया और उसके साथ जबरन लैंगिक अत्याचार किया. पीड़िता ने घर पर पहुंचकर घटना की जानकारी अपनी मां व बहन को दी. प्रकारण में 18 फरवरी 2016 को आमगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई गई. तत्कालीन सहायक पुलिस निरीक्षक जगदिप काटे ने जांच कर न्यायालय में दोषारोपणपत्र न्यायायल में प्रस्तुत किया. सरकार/पिडित का पक्ष रखते हुए विशेष सरकारी वकील कृष्णा डी. पारधी ने 5 कोर्ट के सामने कुल 5 गवाहों के बयान दर्ज कराए. अदालन ने दोनों पक्षों की दलीले सुनने व साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अंबुले को दोषी पाया. जिससे उसे 10 साल का सश्रम कारावास और 25,000 रुपये के जुर्माना की सजा सुवाई गई. जुर्माना नहीं देने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है. जुर्माने की राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है. प्रकरण में पुलिस अधीक्षक निखिल पिंगले व अपर पुलिस अधीक्षक अशोक बनकर के मार्गदर्शन व पुलिस निरीक्षक दीपक हांडे की देखरेख में पैरवी कर्मचारी सुनिल बावनकर ने कामकाज देखा.



