ग्रामीणों ने पेड़ों की अवैध कटाई रोकी

0
192

गांव की लौह खदानों से ग्रामीण सहमत नहीं
गोंदिया. वन विभाग ने मौजा मानेगांव में मवेशी चराने और लकड़ी के लिए आरक्षित वन भूमि पर पेड़ों की अवैध कटाई शुरू कर दी है. मामला जैसे ही ग्रामीणों के संज्ञान में आया तो ग्रामीणों ने एकजुट होकर अवैध पेड़ कटाई का विरोध किया और पेड़ कटाई को रोक दिया गया है.
मानेगांव गट क्र. 553 कुल 17.04 हे. आर. यह वन भूमि मवेशियों के चरने और इमारत लकड़ी के लिए आरक्षित है. 17 मई 2022 को इस मुद्दे पर ग्राम सभा आयोजित की गई कि वर्ष 2022 में ग्राम पंचायत के माध्यम से उक्त भूखंड में लौह अयस्क खनन के लिए निजी कंपनी को अनुमति दी जाए. ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया और प्रस्ताव पारित किया कि उक्त जमीन निको जयसवाल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड नागपुर को लौह अयस्क खनन के लिए नहीं दी जाए. गोंदिया जिले में पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाली सेवा संस्था ने भी ग्रामीणों का समर्थन किया था और विभिन्न सरकारी विभागों को पत्र लिखकर अपना विरोध जताया था कि उक्त भूखंड को लौह अयस्क खनन के लिए किसी निजी कंपनी को नहीं दिया जाना चाहिए. लेकिन 9 जनवरी 2024 को संज्ञान में आया कि उक्त वन भूमि पर पेड़ों की अवैध कटाई हो रही है. जिससे ग्रामीणों ने अनुमान लगाया कि वन विभाग उक्त वन भूमि पर लगे पेड़ों को काटकर इस भूमि को लौह अयस्क खनन के लिए निको जयसवाल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड नागपुर को उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है. यह स्थान पर्यावरण की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है. यह स्थान विभिन्न प्रकार के दुर्लभ वन्य जीवों का घर है. इस वन भूमि के कारण कृषि के लिए उपयोगी पानी ग्रामीणों को गांव के तालाब में उपलब्ध होता है. जिलाधीश को अनुरोध पत्र दिया गया है कि यदि उक्त वन भूखंड पर पेड़ों की कटाई नहीं रोकी गई तो सभी ग्रामीण एक साथ भूख हड़ताल पर बैठेंगे. इस अवसर पर सरपंच प्रकाश मेश्राम, उपसरपंच सीमा बोपचे, वन व्यवस्थापन समिति अध्यक्ष मीना मरस्कोल्हे, उपाध्यक्ष हितेश मेश्राम, यशवंत रहांगडाले, ललिता नागोसे, ग्यारेस फुंडे, ज्योति मेश्राम, ममता मेश्राम, छोटेलाल फुंडे, हिरालाल बोपचे, देवचंद फुंडे, मोरेश्वर बोपचे, निलेश मरस्कोल्हे, परमानंद मेश्राम, जीवनलाल बोपचे, रुपचंद फुंडे, घनश्याम पारधी, ठामेश्वर बोपचे, ईश्वरदास मानकर, गुडेश बिसेन, धर्मेंद्र फुंडे, जितेंद्र बोपचे आदि उपस्थित थे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here