गला दबाकर की पिटाई : मानेगांव की घटना
गोंदिया. ग्राम पंचायत का एक कर्मचारी अपने दोस्त के साथ यह देखने गया कि गांव में स्ट्रीट लाइटें बंद हैं या नहीं. इसी दौरान बाइक से उतरते समय गलती से आरोपी का पैर उसके पैर पर लग गया. इस पर विवाद कर छह लोगों ने मारपीट व गालीगलौज की और एट्रोसिटी के तहत केस दर्ज कराने की धमकी दी. यह घटना आमगांव तहसील के मानेगांव में घटित हुई है.
आमगांव तहसील के मानेगांव के शुभम भलावी (28) ग्राम पंचायत कार्यालय में कर्मचारी हैं. 12 फरवरी को शुभम अपने दोस्त चंद्रशेखर मांडवे के साथ मोटरसाइकिल पर यह देखने के लिए गया था कि गांव में स्ट्रीट लाइटें जल रही हैं या नहीं. आरोपी प्रकाश मेश्राम (55) चौराहे पर खड़ा था, इसलिए बाइक वहीं रोक दी. बाइक से उतरते वक्त गलती से प्रकाश मेश्राम को पैर लग गया. आरोपी प्रकाश को चंद्रशेखर मांडवे से गलतफहमी हो गई. बाद में शुभम यह चंद्रशेखर के घर गया. जल्द ही आरोपी दादू मेश्राम, परमानंद मेश्राम (52), प्रणय मेश्राम (20), हितेश मेश्राम (28), ज्योति मेश्राम (54) और ममता मेश्राम (50) चंद्रशेखर के घर पहुंचे. आरोपी परमानंद मेश्राम और प्रणय मेश्राम ने चंद्रशेखर के घर जाकर उसे डंडे से पीटा और उसका गला दबाया. चंद्रशेख की मां विमल मांडवे, आत्या नीलू पटले उसे बचाने आईं. इस बीच आरोपियों ने उनके साथ गालीगलौज और मारपीट भी की और शुभम और चंद्रशेखर के खिलाफ अॅट्रॉसिटी का मामला दर्ज कराने की धमकी दी. शिकायत के आधार पर आमगांव पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. जांच सहायक पुलिस निरीक्षक चव्हाण कर रहे हैं.



