गोंदिया. रेत उत्खनन व परिवहन के मामले में कार्रवाई नहीं करने के एवज में 20 हजार रु. की रिश्वत स्वीकार करते हुए वन विभाग के एक वनपाल को एसीबी विभाग ने रंगेहाथ पकड़ लिया. कार्रवाई अर्जुनी मोरगांव तहसील के गोठणगांव वनपरिक्षेत्र अंतर्गत पारसटोला क्षेत्र में मंगलवार, 11 अगस्त को की गई. मामले में दो वनरक्षकों को भी हिरासत में लिया गया है. गिरफ्तार वनपाल का नाम रमेश सखाराम पचारे (57) बताया गया है और वह राजुली सावनक्षेत्र, गोठणगांव वनपरिक्षेत्र में वनपाल के पद पर कार्यरत है. उसके साथ वनरक्षक निलोत्पल हिरालाल शिकारे (31) व चिंटू मंगलसिंग परिहार (38) को भी हिरासत में लिया गया है.
जानकरी के अनुसार शिकायतकर्ता के घर का निर्माण कार्य चल रहा है. मार्च 2026 में घर के निर्माण के लिए नाले से रेत लाते समय वनपाल पचारे ने शिकायतकर्ता का ट्रैक्टर रोककर रेत उत्खनन व परिवहन के मामले में कार्रवाई करने की धमकी दी थी. कार्रवाई से बचाने के लिए कथित तौर पर 25 हजार रु. की मांग की गई थी. 9 जुलाई को भी शिकायतकर्ता जब रॉयल्टी की रेत घर पहुंचाकर खाली ट्रैक्टर लेकर खेत की ओर जा रहा था, तब पचारे और वनरक्षक शिकारे ने ट्रैक्टर रोककर उसकी चाबी निकाल ली. इस दौरान भी कथित तौर पर 25 हजार रु. की मांग की गई और रकम नहीं देने पर मामला दर्ज करने की धमकी दी गई. 5 अगस्त को वनपाल पचारे ने शिकायतकर्ता को 8 अगस्त को पारसटोला राउंड ऑफिस में उपस्थित रहने की नोटिस दी. शिकायतकर्ता के वहां पहुंचने पर पचारे और शिकारे ने कथित रूप से मामला ‘सेटलमेंट’ करने की बात कही और 25 हजार की बजाय 20 हजार रु. देने की मांग की. रिश्वत देने की इच्छा नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने 10 अगस्त को गोंदिया एसीबी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर एसीबी टीम ने 11 अगस्त को पंचों की उपस्थिति में शिकायत की पुष्टि की. शिकायतकर्ता को वॉइस रिकॉर्डर व पंचों के साथ संबंधित वन अधिकारियों के कार्यालय भेजा गया. इस दौरान पचारे, शिकारे और परिहार की मौजूदगी में शिकायतकर्ता के खिलाफ रेत उत्खनन व परिवहन के मामले में कार्रवाई नहीं करने के बदले 20 हजार रु. की मांग किए जाने की पुष्टि हुई. इसके बाद एसीबी ने जाल बिछाया. शिकायतकर्ता को 20 हजार रु. की रिश्वत की रकम लेकर संबंधित कार्यालय भेजा गया. वहां वनपाल रमेश पचारे ने 20 हजार रु. स्वीकार किया. इसके तुरंत बाद एसीबी टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया. मौके पर मौजूद वनरक्षक निलोत्पल शिकारे व चिंटू परिहार को भी हिरासत में लिया गया. आरोपियों के खिलाफ किशोरी पुलिस थाने में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू है. मामला दर्ज होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी. यह कार्रवाई एसबी पुलिस उपअधीक्षक निलेश लोधी, पुलिस निरीक्षक उमाकांत उगले, अरविंद राऊत, करपे, बोहरे, कहालकर, शेंडे, बोपचे, कापसे, काटकर, सोनवने, बाटबर्वे, पटले व डांगे ने की.



