जिलाधीश सहित सभी अधिकारियों को सौपा ज्ञापन
गोंदिया. किसी भी सरकारी, गैर सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों के बदली के पूर्व आगामी व्यवस्था को संचालित करने की पूर्व तैयारी की जाती है. लेकिन यहां ऐसा बिल्कुल ना करते हुए कार्यरत सभी शिक्षकों की एक ही दिन में बदली कर दी गई. जिससे यहां पठन और पाठन कार्य में बाधा निर्माण हो चुकी है. दूसरे दिन दो शिक्षक भेजे गए, लेकिन वह भी बिल्कुल नए है और उन्हें अभी पाठशाला को समझने में ही एक साल लग सकता है. जबकि कुछ ही दिनों में वार्षिक परीक्षा लेना तय माना जा रहा है. ऐसे में अभिभावकों का रोष यहां तीव्र देखा जा रहा है.
उल्लेखनीय है कि तहसील तहत अतिदुर्गम नक्सल आदिवासी समझी जाने वाले हिंदी पूर्व माध्यमिक पाठशाला हलबीटोला (पिपरिया) में सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था. यहां अध्यनरत विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी ओर से ध्यान दिया जाता रहा था. लेकिन 13 मार्च को अचानक यहां के सभी शिक्षकों का तबादला कर दिया गया. जिससे यहां अभिभावकों में मातम सा छाया हुआ है. यहां तत्काल प्रभाव से 20 मार्च तक सभी शिक्षकों के रिक्त पद भर दिए जाए वरना 21 मार्च को सुबह 8.30 बजे के दरम्यान पाठशाला को ताला जड़ दिया जाएगा. इस आशय का ज्ञापन जिलाधीश, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, शिक्षाधिकारी (प्राथ.), सालेकसा तहसीलदार, खंडविकास अधिकारी, पुलिस निरीक्षक सालेकसा को सौपा गया है. प्रतिनिधिमंडल में शाला व्यवस्थापन समिति अध्यक्ष गणराज कोरोटे, उपाअध्यक्ष दुलीचंद दशरिया, सदस्य तथा उपसरपंच गुणाराम मेहर, सदस्य राजेंद्र राऊत, अभिभावक खुशाल रतोने, लखन दमाहे, मदनलाल सुलाखे, रुकेश दमाहे, परदेशी मानकर आदि उपस्थित थे. उल्लेखनीय है कि स्थानिक परिस्थिति से सभी जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया है. इसी हलबीटोला को विधायक सहषराम कोरोटे अपना गांव बताते हुए फिरते हैं. अब देखना यह है कि यहां के अभिभावकों को कौन कितना सहयोग करता है. या अंततः 21 मार्च को शाला को ताला जड़ने पर शाला व्यवस्थापन समिति सहित अभिभावकों को मजबूर होना पड़ता है.



