गोंदिया. गोंदिया जिले के दो युवाओं ने संघ लोकसेवा आयोग (UPSC) की बहुत प्रतिष्ठित परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है, जिससे जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ है. गोंदिया शहर के श्रवण ब्रजरतन मुंदड़ा ने 275वीं रैंक हासिल की है और देवरी तहसील के चिचेवाड़ा के एक किसान परिवार के बेटे हेमकृष्ण प्रेमलाल पिसदे ने 849वीं रैंक हासिल करके सफलता हासिल की है. शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों से यह दोहरी सफलता जिले के लिए गर्व की बात बन गई है.
गोंदिया के प्रसिद्ध राधावल्लभ भागीरथ मुंदड़ा परिवार के श्रवण मुंदड़ा की शुरुआती पढ़ाई गोंदिया शहर में ही हुई. बचपन से ही पढ़ने में होशियार, जिज्ञासु और मेहनती स्वभाव के होने की वजह से वह पढ़ाई में लगातार अव्वल रहा. बाद में, उसने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से बी.कॉम की डिग्री हासिल की. उसके बाद, उसने देश के जाने-माने व्यवस्थापन संस्था में से एक आईआईएम कोलकाता से एमबीए करके अपनी पढ़ाई के सफर को और मजबूत किया. उच्च शिक्षा के बाद भी, उसने देश की सेवा करने का सपना अपनी आंखों के सामने रखते हुए युपीएससी की तैयारी जारी रखी और आखिरकार कड़ी मेहनत, लगन और जिद्द के दम पर इस मुश्किल परीक्षा में 275वीं रैंक हासिल करके शानदार सफलता हासिल की.
देवरी तहसील के चिचेवाड़ा के एक आम किसान परिवार से आने वाले हेमकृष्ण प्रेमलाल पिसदे ने भी युपीएससी परीक्षा में 849वीं रैंक हासिल करके शानदार सफलता हासिल की है. उसने लगातार कड़ी मेहनत, पक्के इरादे और लगातार पढ़ाई के दम पर यह सफलता हासिल की. हेमकृष्ण पिसदे पहले मुंबई में कामगार अधिकारी के तौर पर काम कर रहा था और अभी धामणगांव (रेलवे) में तहसीलदार के तौर पर काम कर रहा हैं. श्रवण मुंदड़ा और हेमकृष्ण पिसदे को व्यापारी, सामाजिक और शिक्षा क्षेत्र से शुभकामनाएं मिल रही हैं. उनकी सफलता की वजह से गोंदिया जिला राष्ट्रीय स्तर पर मशहूर हो गया है और उन्होंने जिले के युवाओं के लिए एक आदर्श खड़ा किा. इस सफलता के लिए इलाके के सांसद नामदेवराव किरसान और विधायक संजय पुराम ने हेमकृष्ण पिसदे की प्रशंसा की और भरोसा जताया कि भविष्य में प्रशासन में काम करते हुए वे समाज में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में अहम योगदान देंगे.
UPSC में गोंदिया का शानदार प्रदर्शन, गोंदिया का श्रवण 275वें, चिचेवाड़ा का हेमकृष्ण 849वें स्थान पर
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