Saturday, June 22, 2024
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सूर्यादेव मांडोदेवी देवस्थान में १७ अप्रैल को सर्वधर्मिय सामूहिक विवाह का आयोजन

 81 जोड़े होंगे परिणयबद्ध, अभी तक 72 जोड़े की पंजीकरण
गोंदिया : श्री सूर्यादेव मांडोदेवी देवस्थान बघेडा/तेढा द्वारा प्रत्येक वर्ष अनुसार दिनांक १७ अप्रैल २०२४ को रामनवमी को सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया है । जिसमें अभी तक 72 जोड़े का पंजीकरण (नोंदणी) हो चुकी है एवं ८१ जोड़े का लक्ष्य रखा गया है. जिसमें बिना शुल्क प्रत्येक वर्ष रामनवमी के पावन दिन आयोजित सामूहिक विवाह का यह निरंतर 32 वा वर्ष है. जिसमें प्रत्येक वर्ष वर- वधू दंपतियों को विवाह पश्चात आवश्यक जीवनाशक वस्तुएं वस्त्र एवं सोने का मंगलसूत्र दिया जाता है । समय एवं पैसे की बचत को देखते हुए इस सामूहिक विवाह में नोंदणी कर अपने परिवार एवं परिजनों का विवाह सूर्यादेव मांडोदेवी सर्वजातीय सामूहिक विवाह में ही करवाए ऐसी अपील संस्था के अध्यक्ष विधायक विनोद अग्रवाल, सचिव जिला परिषद सदस्य डॉ.लक्ष्मण भगत उपाध्यक्ष भैयालाल सिंदराम, कोषाध्यक्ष विश्वनाथ असाटी, सह सचिव कुशनजी घासले, सदस्य श्री डॉ जितेंद्र मेंढे शालिकराम उईके, सखाराम सिंदराम, दिलीप खंडेलवाल, राहुल अग्रवाल एवं मंदिर के पुजारी पंडित अयोध्यादास जी महाराज इन्होंने की है । इसी के साथ प्रत्येक वर्ष अनेक धार्मिक व सामाजिक आयोजन हेतु संस्था को महाराष्ट्र सरकार के सर्वोच्च सम्मान सामाजिक न्याय विभाग का फूले, शाहू, अंबेडकर पुरस्कार प्राप्त विदर्भ मध्य भारत की पहली धार्मिक संस्था है । जिसमें सर्वधर्म समभाव पर चलते हुए कार्य किये जाते है । मानव कल्याण विश्व कल्याण में ही सबका हित सर्वोपरि इन कल्पना के साथ मध्य भारत का प्रसिद्ध पर्यटन एवं तीर्थ स्थल है । जिसमें प्रतिदिन 3 से 4 हजार भक्त एवं पर्यटक रोज भेट देते हैं. यहां पर 50 के ऊपर लगी हुई दुकान होटल्स इस बात की परिचायक है । प्रतिवर्ष आरोग्य शिबिर के माध्यम से आरोग्य सेवा एवं अन्य मार्गदर्शन शिविर के लिए यह संस्था प्रसिद्ध है यहां प्रतिदिन विवाह सुविधा उपलब्ध है जिसमें प्रतिवर्ष 500 के लगभग विवाह संपन्न होते हैं आज तक हजारों की संख्या में विवाह संपन्न करने वाली इस संस्था में हजारों के ऊपर अंतरजातीय विवाह संपन्न हुई है जो इस संस्था के सामाजिक न्याय को दर्शाता है. साथ में ही प्रतिवर्ष अनेक उत्सव के साथ में भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने वाली माता के रूप में यहां पुरातन मंदिर प्रसिद्ध है इस वर्ष यहां पर नवरात्र पर्व में 1121 जोत प्रज्वलित की गई है.
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