गोंदिया. अनुसूचित जाति के उपवर्गीकरण के फैसले के खिलाफ न्याय, समानता और सामाजिक एकता की रक्षा के लिए 25 अप्रैल को विधायक राजकुमार बडोले द्वारा आहूत जन आंदोलन को जिले के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त प्रतिसाद दिया. इस बीच डा. बाबासाहब आंबेडकर चौक पर आयोजित इस जनजागरण आंदोलन के माध्यम से सत्ता पक्ष के जन प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उपवर्गीकरण के फैसले को राज्यस्तरीय धार देने का निर्णय लिया.
सरकार की ओर से अनुसूचित जाति का उपवर्गीकरण करने का फैसला लिया गया है. सरकार द्वारा नियुक्त बदर आयोग की सिफारिशों के आधार पर अनुसूचित जातियों में उपजातियों के आधार पर उपवर्गीकरण किया जाएगा. यदि ऐसा हुआ तो अनुसूचित जाति में विभाजन हो जाएगा. सरकार राज्य में मातंग समुदाय के साथ हाथ मिलाकर अनुसूचित जाति में आरक्षण का उपवर्गीकरण कर रही है. सरकार के पास अनुसूचित जाति के सटीक आंकड़े नहीं हैं. सरकार बिना किसी सांख्यिकीय आधार के उपवर्गीकरण कर रही है. भले ही यह फैसला उच्च न्यायालय द्वारा तय व्यवस्था के खिलाफ है, लेकिन राज्य सरकार पर उपवर्गीकरण के आधार पर अनुसूचित जाति के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया जा रहा है. ये हमारे समाज के साथ अन्याय हो रहा है. राज्य की सत्ताधारी पार्टी के विधायक राजकुमार बडोले ने समाज को न्याय दिलाने के उद्देश्य से अन्य सामाजिक संगठनों के सहयोग से इस फैसले के खिलाफ जनजागरण शुरू किया. उन्होंने इस लड़ाई को राज्य स्तर पर करने का निर्णय लिया. इसके लिए 25 अप्रैल को गोंदिया शहर में डा. बाबासाहब आंबेडकर चौक में डा. बाबासाहब आंबेडकर की प्रतिमा का पूजन करने के बाद जागरूकता सभा हुई. इस समय, सत्तारूढ़ भाजपा के अधिकांश नेताओं ने भाग लिया और इस उपवर्गीकरण के खिलाफ लड़ाई का समर्थन किया. इस अवसर पर मुख्य रूप से विधायक राजकुमार बडोले, भाजपा विधायक विनोद अग्रवाल, कांग्रेस प्रदेश सचिव अमर वराडे, भूपेंद्र गणवीर, घनशाम पानतावने सहित जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य व अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
अनुसूचित जाति उपवर्गीकरण का विरोध, अनुसूचित जाति के साथ अन्याय : विधायक बडोले
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