ओबीसी संगठनों का भीख मांगो आंदोलन

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गोंदिया. पिछले 6 वर्षों से ओबीसी छात्रों के लिए 72 छात्रावासों का मुद्दा सरकार अभी तक नहीं सुलझा पाई है. राज्य सरकार का वित्त विभाग व अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग अब गंभीर नहीं है. इसके कारण एक बार फिर ओबीसी छात्रों को छात्रावास और आधार योजना से वंचित होने की नौबत आ गई है. इसलिए 21 सितंबर को गोंदिया के जयस्तंभ चौक क्षेत्र में भीख मांगो आंदोलन द्वारा एकत्र की गई धनराशि मनीआर्डर के माध्यम से राज्य सरकार को भेजी गई.
स्कूल और कॉलेज खुले हुए 3 महीने बीत चुके हैं. 7200 छात्रों के लिए 72 ओबीसी छात्रावास, 21600 छात्रों के लिए सावित्रीबाई फुले आधार योजना, 75 छात्रों के लिए विदेशी छात्रवृत्ति योजना का निर्णय लिया गया है, फिर भी सरकार द्वारा उपरोक्त योजनाएं शुरू नहीं की गई हैं. उपरोक्त योजनाओं को महाराष्ट्र सरकार के वित्त व बहुजन कल्याण विभाग द्वारा अवरुद्ध कर दिया गया है. सरकार ओबीसी समाज के साथ अन्याय कर रही है. सरकार को मेहनतकश देने वाले 52 प्रश. से ऊपर के समुदाय की कोई परवाह नहीं है. सरकार के पास ओबीसी छात्रों के कल्याण के लिए कोई फंड नहीं है. इन सभी मुद्दों का विरोध करने के लिए भीख मांगो आंदोलन के माध्यम से सरकार के लिए भीख मांगो आंदोलन का आयोजन किया गया. इस अवसर पर ओबीसी अधिकार मंच के संयोजक खेमेंद्र कटरे, ओबीसी संघर्ष कृति समिति के अशोक लंजे, कैलास भेलावे, शिशिर कटरे, सुधीर ब्राह्मणकर, संविधान मैत्री संघ के अतुल सतदेवे, युवा बहुजन मंच के सुनील भोंगाडे, पिछड़ा शोषित संगठन के प्रेमलाल साठवने, मोहसिन खान, उमेश कटरे, रवी भांडारकर, वीजेएनटी, एसबीसी आदि समूह के विद्यार्थी उपस्थित थे.

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