गोंदिया. तहसील के कुडवा ग्राम पंचायत में स्ट्रीट लाइट और बिजली के खंभों को लेकर विवाद गहरा गया है. वार्ड क्र.1 के लिए स्वीकृत स्ट्रीट लाइट और खंभों को अन्य वार्डों में लगाए जाने का आरोप लगाते हुए ग्राम पंचायत सदस्य दिलीप देवीलाल नागे ने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने सरपंच और ग्राम सचिव पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए इस पूरे मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से करने की बात कही है.
नागे का कहना है कि वार्ड क्र. 1 में बढ़ती चोरी और असामाजिक गतिविधियों को देखते हुए स्ट्रीट लाइट की आवश्यकता थी. इसके लिए उन्होंने स्वयं सर्वे कर प्रस्ताव तैयार कराया था. 20 नवंबर 2023 को ग्राम पंचायत की बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बाद 7 मई 2024 को पंचायत समिति और जिला परिषद को भेजा गया. लगातार प्रयासों के बाद जिला परिषद से वार्ड क्र.1 के लिए 275 बिजली के खंभों और 365 स्ट्रीट लाइटों को मंजूरी मिली थी. आरोप है कि स्वीकृत नक्शे को दरकिनार कर सरपंच और सचिव ने वार्ड क्र.1 के बजाय अन्य वार्डों में खंभे और स्ट्रीट लाइट लगाने का काम शुरू कर दिया. इतना ही नहीं, वार्ड के अंतर्गत आने वाले शिव मोक्षधाम के लिए स्वीकृत विद्युत खंभे भी वहां न लगाकर अन्य स्थानों पर लगाए जा रहे हैं, जिसे नागे ने प्रशासनिक मनमानी बताया है. ग्राम पंचायत सदस्य नागे ने कहा कि जिस योजना के लिए उन्होंने लगातार प्रयास कर स्वीकृति और निधि दिलाई, उसका लाभ उनके वार्ड के नागरिकों को नहीं मिल रहा है. ऐसी स्थिति में क्षेत्र की जनता को जवाब देना उनके लिए कठिन हो गया है. उन्होंने सरपंच और सचिव के इस रवैये के विरोध में इस्तीफा सौंप दिया है.
नागे का यह भी आरोप है कि सरपंच उनके इस्तीफे को स्वीकार करने में टालमटोल कर रहे हैं. ऐसे में उन्होंने मामले को वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उठाने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. इस घटनाक्रम के बाद कुडवा ग्राम पंचायत की राजनीति में हलचल तेज हो गई है.



